Construction news : निर्माण कार्यों की लेट लतिफी हुई तो होगी कार्यवाही :- जिलाधिकारी सविन बसंल (District Magistrate Savin Basnal) की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समन्वय समिति की विभिन्न मार्गों पर रोड़ कटिंग की अनुमति तथा मोबाईल टावर लगाए जाने के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की गई। यूपीसीएल,गेल, यूयूएसडीए, एडीबी आदि के प्रस्ताव बैठक में रखे, जिनपर सशर्त अनुमति दी गई। रात्रि 10 बजे से सुबह 06 तक ही कार्य अनुमति होगी तथा यह अनुमतियां 10 नवम्बर के उपरान्त ही जारी की जाएगीं। कार्य समाप्ति के उपरान्त सड़क को समतल कर चलने योग्य बनाना होगा।
बड़ी ख़बर एक क्लिक में :- सरसों का तेल और लहसुन के फायदेजिलाधिकारी (District Magistrate) ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक उपयोगिता बिजली लाइन, पेयजल,सीवरेज, गैस पाइपलाइन भूमिगत करने के लिए रात को सड़क खोदने की अनुमति अवश्य दी जा रही है, किंतु इन सभी कार्यों पर जिला प्रशासन की QRT पैनी नजर रहेगी। मानको का उल्लंघन तथा अनुमति से अधिक रोड कटिंग, सडक खुदी छोड़ना, कार्यस्थल पर बैरिकेडिंग सुरक्षा के इंतजाम की अनदेखी पर जब्ती व मुकदमे से जिला प्रशासन को किसी प्रकार का कोई गुरेज नहीं होगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संस्थानों से एनओसी एवं कटिंग चार्ज जारी रकने के उपरान्त ही अनुमति जारी की जाएगी। जिलाधिकारी ने यूपीसीएल एवं अन्य एजेंसियों का पर्यवेक्षण-देखरेख ठीक न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सुपरविजन सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पूर्ण इंतजाम, बेरिकेटिंग, आदि समुचित इंतजाम करने होंगे। उन्होंने निर्देश दिए संचालित निर्माण कार्यों का पर्यवेक्षण एवं देखरेख स्वंय करेंगे तथा अपने ठेकेदार को निर्देशित करे।
बड़ी ख़बर एक क्लिक में :- यूरिक एसिड में मूली खाने के बेमिसाल फायदेजिला प्रशासन की क्यूआरटी निरीक्षण में मानकों का उल्लंघन एवं लापरवाही पाए जाने पर विधिक एक्शन लिया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सम्बन्धित विभागों की होगी। उन्होंने कहा कि देख जा रहा है निर्माण कार्यों की खुदाई के दौरान स्मार्ट सिटी के विभिन्न उपकरणों कैमरो को नुकसान पंहुच रहा है। संस्थाओं को स्मार्ट सिटी से भी एनओसी के उपरान्त कार्यों की अनुमति दी जाएगी। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी को यूपीसीएल एवं गेल एडीबी, यूयूएसडीए के कार्यों की साईट विजिट के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी (District Magistrate) ने निर्देश दिए कि पेयजल निगम एवं अन्य समस्त कार्यदायी संस्था अपने निर्माण कार्यों की अनुमति के साथ डंपिंग जोन की स्थति भी स्पष्ट रूप से वर्णित करेंगे। साथ जो भी कार्यदायी संस्थाएं निर्माण कार्यों हेतु अनुमति हेतु आवेदन कर रहीं हैं वे पूर्ण जानकारी एवं कार्यों निर्धारित समयावधि का उल्लेख करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण के तत्काल बाद सड़क को करना होगा सुव्यवस्थित तथा सड़क खुदाई की अनुमति से पूर्व जमा करनी होगी सड़क ठीक कराने की धनराशि। साथ ही पुराने कार्य पूर्ण करने के उपरान्त ही नए कार्यों की अनुमति दी जाएगी। निर्माण साईटों पर कार्यदायी संस्थाओं को मौके पर रखने होगा अपना कार्मिक।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी लि0 तीरथपाल सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, अधीक्षण अभियनंता लोनिवि ओमपाल सिंह, यूपीसीएल, एडीबी, यूयूएसडीए, रिलाईंस जियो, गेल, वोडाफोन आदि कम्पनियों के प्रतिनिधियों सहित सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।

