UttarakhandPolitics : बीजेपी में टिकट बचाने की- कांग्रेस में टिकट पाने की होड़ :- उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को अब कुछ ही महीने बाकी है ऐसे में एक सबसे बड़ी चुनौती नेताओं के सामने पार्टी आला कमान से टिकट पाने की है। भारतीय जनता पार्टी में जहां 10 साल के कार्यकाल के दौरान विधायकों और मंत्रियों के सामने परफॉर्मेंस और इंटरनल सर्वे के आधार पर अपनी टिकट बचाने की चुनौती है तो वही भाजपा के कार्यकर्ताओं और विधानसभाओं में नेताओं को टिकट को पाने की चुनौती भी है…
हमने यह बानगी मसूरी विधानसभा में बीते दिनों देखि जब कद्दावर और चर्चित कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के सामने उन्हीं के पार्टी के बड़े नेता और देहरादून नगर निगम के पूर्व महापौर सुनील उनियाल गामा ने अपनी दावेदारी ठोक दी थी और कहा था की टिकट पार्टी तय करती है यह किसी की विरासत नहीं होती हैं… इसके बाद तो जैसे नेताओं की टिकट दावेदारी विधायकों के सामने और मंत्रियों के सामने खुलकर सामने आने लगी है
भाजपा के मीडिया प्रभारी और लंबे समय से पार्टी कार्यालय का कामकाज देख रहे मनवीर सिंह चौहान भी अब मेहनत का प्रसाद चाहते हैं लिहाज़ा विधायक बनने के लिए टिकट की दावेदारी कर रहे हैं , तो वहीं पूर्व राज्य आंदोलनकारी रविंद्र जुगरान ने अब अपनी दावेदारी मसूरी से पेश कर दी है … पहाड़ों की बात करें तो वहां पर भी कई भाजपा नेताओं के मन में टिकट पाने और विधायक बने के अरमान पल रहे हैं हालांकि अभी खुलकर भाजपा के स्थानीय नेता कुछ नहीं बोल रहे हैं लेकिन उनका भी यही कहना है कि बदलाव होना चाहिए और लंबे समय से एक ही क्षेत्र में विधायक बनने वाले नेताओं को नए लोगों को मौका देना चाहिए।
हालांकि इन सबके बीच कांग्रेस से आए नए-नए भाजपा नेताओं ने भी दावेदारी में खुद को बनाए रखा है लेकिन यह बीजेपी है जहां जो जितनी दावेदारी करता है वह उतना ही भीड़ का हिस्सा बन जाता है और पार्टी किसी नए चेहरे को मैदान में उतार देती है। बीते दिनों जिस तरह से भाजपा के इंटरनल सर्वे और कुछ मंत्रियों और विधायकों के परफॉर्मेंस को लेकर चर्चाएं शुरू हुई उसके बाद भाजपा मुख्यालय में भी इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि मंत्रियों के टिकट कटेंगे और कई विधायकों के भी टिकट पार्टी काट सकती है जिसका आधार उनकी परफॉर्मेस को बनाया जाएगा।
बाद विपक्ष में कांग्रेस पार्टी की करें तो यहां पर एक अनार सौ बीमार जैसे हालात बने हुए हैं। 10 साल से विपक्ष में बैठी कांग्रेस को लगता है कि इस बार जनता उनको सत्ता में आने का मौका दे सकती है और सत्ता विरोधी लहर में उनका काम आसान हो जाएगा। ऐसे में न सिर्फ उत्तराखंड कांग्रेस के दिग्गज नेता एक जुटता का प्रदर्शन करते दिखते हैं तो वही हर दूसरा नेता विधायक बनने के लिए अपनी टिकट की दावेदारी सड़कों पर बैनर पोस्टर के जरिए जनता के सामने रख रहा है। केवल एक विधानसभा की बात करें तो देहरादून की धर्मपुर विधानसभा में ही एक दर्जन से ज्यादा नेताओं ने अपनी दावेदारी ठोक लिए दी है तो वही बीते दिनों पार्टी में वापसी करने वाले भाजपा नेताओं और पूर्व विधायकों के साथ-साथ लंबे समय से पार्टी का झंडा उठाने वाले कांग्रेसियों ने भी अपने टिकट के लिए दिल्ली से लेकर देहरादून के पार्टी मुख्यालय तक सेटिंग गेटिंग शुरू कर दी है। माहौल देखकर लगता है कि दोनों ही पार्टियों में टिकटों की ये खींचतान सियासी संग्राम में बदल सकती है और उठापटक भी खुलकर दिखाई दे सकती है।

