हरिद्वार
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बड़ी ख़बर,, अब इस मंदिर में “रिल्स बनाने पर” प्रतिबंध...

Ban on reel making and mobile use in Haridwar's Mansa Devi temple

उत्तराखंड :  चारधाम यात्रा के बाद अब हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में भी रील बनाने और मोबाइल का उपयोग करने पर मनसा देवी ट्रस्ट ने भी प्रतिबंध लगा दिया है।

हरिद्वार मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी बताया कि मनसा देवी मंदिर परिसर में भी मोबाइल का उपयोग और रील बनाना प्रतिबंधित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा हो या फिर कोई भी सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के चक्कर में भगवान के प्रति अपनी आस्था से खिलवाड़ करते हैं।

मंदिर परिसर की गरिमा होती है, जिनका ख्याल रखना चाहिए।

लेकिन सोशल मीडिया के कारण लोग पवित्र स्थल की गरिमा को भी नहीं देखते हैं। यही कारण है कि अब मनसा देवी में भी मोबाइल और रील बनाने पर जल्द ही रोक लगा दी गई है।

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर अपना चित्र डालने के चक्कर में युवा ना तो सही से मंदिर के दर्शन करते हैं और ना ही आस्था से मंदिर में आते हैं।

इतना ही नहीं कई बार रील बनाने के चक्कर में युवा मनसा देवी की पहाड़ियों पर अपनी जान भी जोखिम में डाल देते हैं।

श्री महंत रविंद्र पुरी ने कहा कि लोगों को सोशल मीडिया के लिए रील बनाने का जुनून लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

माॅल हो, हॉस्पिटल हो, सिनेमा हॉल हो, यहां तक कि मंदिर के परिसर को भी अब लोगों ने नहीं छोड़ा।

लोग पहले भगवान के दर्शन करने जाने से पहले रील बनाने ज्यादा जाते हैं।

इस वजह से मंदिर में माहौल खराब हो जाता है। मनसा देवी ट्रस्ट मंदिर और मंदिर के आसपास रील बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी ने बताया कि आप को मंदिर में सिर्फ दर्शन करने दिए जाएंगे।

आप इस दौरान फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकते। आपको बताते चलें कि उत्तराखंड सरकार ने अहम फैसला लेते हुए चारों धामों में मंदिर परिसर के 50 मीटर के दायरे में सोशल मीडिया हेतु रील बनाने या वीडियोग्राफी करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बीते गुरुवार को एक आदेश जारी कर चार धाम मंदिरों के 50 मीटर के दायरे में वीडियो और रील बनाने पर रोक लगा दी है।

यात्रा के दौरान मोबाइल फोन ले जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वीडियो और रील्स बनाने पर प्रतिबंध का फैसला तब आया है जब कई पुजारियों और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि “ऐसी गतिविधियाँ पारंपरिक मानदंडों का उल्लंघन करती हैं.” राधा रतूड़ी ने संस्कृति एवं धार्मिक मामलों के सचिव को पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने पर्यटन सचिव, गढ़वाल मंडल के कमिश्नर, एसपी और जिला अधिकारी को आदेशित करते हुए मंदिरों में 50 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी करने, सोशल मीडिया के रील्स आदि बनाएं जाने पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है।

इससे आस्था के लिए तीर्थयात्रा करने आए लोगों की समस्या होती है और उनकी भावनाओं को ठेस भी पहुंचती है।

 

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