CharDhamYatra : यात्रीगण कृपया ध्यान दें ! :- देवभूमि उत्तराखंड में प्रसिद्ध चार धाम यात्रा चारों धामों के कपाट खुलने के साथ शुरू हो गई है। वहीं सबसे ज्यादा हेली सर्विस की डिमांड वाले केदारनाथ धाम तीर्थयात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हेलीकॉप्टर सेवाएं भी 22 अप्रैल से शुरू हो गयी है । इससे पहले केदारनाथ धाम में बने हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर के उतारे जाने का रिहर्सल पूरा कराया गया। केदारनाथ घाटी तक गुप्तकाशी, फाटा और सेरसी स्थित हेलीपैड से संचालित की जाएंगी।
ऐसे कर सकते हैं बुकिंग
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण की ओर से इस वर्ष केदारनाथ धाम यात्रा के लिए कुल आठ हेलीकॉप्टर कंपनियों को संचालन की अनुमति दी गई है। आप अगर हेलीकॉप्टर से यात्रा करना चाहते हैं तो आपको बुकिंग करानी होगी। बुकिंग कराए जाने के बाद आपको हेलीकॉप्टर से दर्शन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। सरकार और प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि हेलीकॉप्टर से दर्शन के लिए आप heliyatra.irctc.co.in से ही टिकट बुक कराएं।
केदारनाथ धाम या चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है। आप ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। उत्तराखंड सरकार की ओर से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की बेहतर सुविधा दी गई थी। इसके साथ-साथ ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए हरिद्वार ऋषिकुल मैदान में 20 काउंटर बनाए गए हैं। इसके साथ ही पंतदीप पार्किंग और राही होटल में भी रजिस्ट्रेशन होंगे। ऋषिकेश में आईएसबीटी, ट्रांजिट कैंप, गुरुद्वारा, आरटीओ केंद्र में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
ऐसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
चार धाम यात्रा के लिए अधिकृत वेबसाइट registrationandtouristcare. uk.gov.in पर ही पंजीकरण कराया जा सकता है। इसके अलावा आप मोबाइल एप touristcareuttarakhand पर भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस एप को आप एंड्रॉयड प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।चार धाम यात्रा को लेकर सरकार की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। यात्रा से जुड़ी कोई भी जानकारी पर्यटन विकास परिषद की ओर से जारी नंबरों पर संपर्क कर हासिल किया जा सकता है।
फोन नंबर 01352559898 और 01352552627 पर लोग संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही टोल फ्री नंबर 01353520100 पर 24 घंटे फोन कर यात्रा से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा यात्रा के दौरान मदद के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

