सुबह चाय पीने के बाद ही क्यों होते हैं फ्रेश ? : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग सुबह की शुरुआत कॉफी या चाय के साथ करते हैं और इसी को पीने के बाद भी फ्रेश भी होने जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर बिना कॉफी के आपको टॉयलेट नहीं आता, तो ये एक नॉर्मल बात नहीं है, बल्कि क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन यानी पुरानी कब्ज का संकेत हो सकता है? हाल ही में एक फिटनेस कोच ने इस पर विस्तार से जानकारी दी और बताया कि अगर आपकी बॉडी खुद से नैचुरल सिग्नल नहीं दे रही और आप हर दिन सिर्फ कॉफी या चाय पर निर्भर हैं तो ये आपकी डाइजेस्टिव हेल्थ के लिए खतरे की घंटी है।
फिटनेस कोच के अनुसार, जब आप बार-बार कॉफी पर निर्भर होकर टॉयलेट जाते हैं, तो धीरे-धीरे आपकी आंतों की मसल्स कमजोर होने लगती हैं. इसका मतलब है कि शरीर खुद से सिग्नल देना बंद कर देता है और आपकी आदत बन जाती है कि बिना कॉफी के टॉयलेट नहीं आ सकता और अगर आप एक दिन कॉफी नहीं पीते तो आपको फ्रेश होने में दिक्कत होने लगती है, काफी कोशिश के बाद भी आपको दिक्कत होने लगती है, जिससे कब्ज की समस्या और बढ़ जाती है।
एक और बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वह है सुबह उठते ही खाली पेट कॉफी पीना. रातभर बिना पानी के रहने के बाद शरीर पहले से ही डिहाइड्रेटेड होता है और ऐसे में कैफीन और अधिक पानी खींच लेता है. कॉफी आंतों में पानी खींचकर मल को ढीला तो कर देती है, लेकिन बाकी शरीर डिहाइड्रेटेड हो जाता है, जिससे स्किन से लेकर पेट तक हर जगह असर पड़ता है. खासकर जिन लोगों को गैस्ट्रिक अल्सर या क्रॉनिक गैस्ट्राइटिस है, उन्हें सुबह कॉफी बिल्कुल नहीं लेनी चाहिए, वरना यह तकलीफ और बढ़ सकती है।
इसे सही करने के लिए डाइट में बदलाव करें. हर दिन अपने खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालों को शामिल करें. इनसे फाइबर मिलेगा जो कब्ज से राहत देगा. रोज कम से कम 25-30 ग्राम फाइबर लेने की कोशिश करें. सबसे जरूरी चीज है हाइड्रेशन. इसे बनाए रखने के लिए दिनभर में कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पिएं. चाहें तो सुबह उठकर गुनगुना पानी या नींबू पानी पीना शुरू करें. याद रखें, कॉफी और चाय का इस्तेमाल केवल एक सहारा है, कोई सॉल्यूशन नहीं. अगर आपको बार-बार इसकी जरूरत पड़ रही है, तो यह आपकी बॉडी का अलार्म है कि अंदर कुछ ठीक नहीं है. बेहतर होगा कि आप अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं, फाइबर और पानी का सेवन बढ़ाएं, और अपने पाचन तंत्र को नेचुरली मजबूत बनाएं।

