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Reading: सावधानी बरतें, पैनिक अटैक के ये संकेत न करें नजरअंदाज!
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हेल्थ

सावधानी बरतें, पैनिक अटैक के ये संकेत न करें नजरअंदाज!

पैनिक अटैक के लक्षण: जानें और बचें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से!

admin
Last updated: 2024/10/02 at 8:25 AM
admin
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5 Min Read
पैनिक अटैक लक्षण पहचानें
पैनिक अटैक लक्षण पहचानें
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Highlights
  • पैनिक अटैक लक्षण पहचानें
  • पैनिक अटैक: लक्षण जो आपकी जिंदगी को कर सकते हैं प्रभावित
  • पैनिक अटैक के लक्षण: पहचानें और सावधान रहें!
  • पैनिक अटैक लक्षण: जानें जरूरी संकेत!
  • अनदेखा न करें: पैनिक अटैक के लक्षण!
  • पैनिक अटैक: पहचानें लक्षण, बचें खतरे से!
  • कैसे बचे पैनिक अटैक से
  • ये हैं पैनिक अटैक होने के लक्षण
  • ये हैं पैनिक अटैक होने के लक्षण

पैनिक अटैक लक्षण पहचानें : पैनिक अटैक ऐसा साइकेट्री है, जिसमें पीड़ित व्यक्ति डर हो जाता है. पैनिक अटैक डर और चिंता की एक इंटेंस फीलिंग है. यह अक्सर तब होता है जब लोग अपने जीवन में होने वाली किसी घटना को लेकर चिंतित होते हैं या किसी कठिन या तनावपूर्ण स्थिति का सामना करते हैं. पैनिक अटैक बहुत भयानक लग सकता है, खासकर बच्चों के लिए, लेकिन आमतौर पर इलाज से इसे रोका जा सकता है. यह जानना महत्वपूर्ण है कि पैनिक अटैक से कोई नुकसान नहीं होगा और भले ही अटैक के दौरान ऐसा महसूस न हो, लेकिन यह एहसास खत्म हो जाएगा.पैनिक अटैक अक्सर किशोरावस्था के दौरान शुरू होते हैं, हालांकि ये बचपन में भी शुरू हो सकते हैं. अटैक से गंभीर चिंता हो सकती है, साथ ही बच्चे के मूड या कामकाज के अन्य हिस्सों पर भी असर पड़ सकता है।

Contents
कैसे बचे पैनिक अटैक सेये हैं पैनिक अटैक होने के लक्षणपैनिक अटैक के कारण

कैसे बचे पैनिक अटैक से

नियमित व्यायाम पर्याप्त मात्रा में नींद जरूरी : व्यायाम से ना सिर्फ तनाव और बेचैनी से राहत मिलती है बल्कि दिल और दिमाग दोनों को शांति महसूस होती है. जिसके चलते पैनिक अटैक होने की आशंका कम हो जाती है. यदि आप पैनिक महसूस कर रहे हैं तो ऐसे में गहरी सांसे लेना फायदेमंद हो सकता है. बहुत जरूरी है कि अपने रोजमर्रा के खान-पान पर ध्यान दिया जाए. शराब तथा तंबाकू के अलावा ऐसा भोजन जिसमें कैफीन, रिफाइंड शुगर तथा मोनोसोडियम ग्लूटामैट यानी एमएसजी जैसे तत्व शामिल हों उन से परहेज करना चाहिए. इस तरह का आहार घबराहट को बढ़ा सकता है.शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है कि भरपूर मात्रा में नींद ली जाए. चिकित्सक बताते हैं कि अच्छी गुणवत्ता वाली नींद दिमाग और शरीर दोनों को तनाव मुक्त करती है।

ये हैं पैनिक अटैक होने के लक्षण

दिल का तेजी से धड़कना तथा सांसे तेज हो जाना , हद से ज्यादा और लगातार पसीना आना , सीने में दर्द और असहजता महसूस करना , शरीर में थरथराहट या कंपन होना , शरीर में ठिठुरन महसूस होना , पेट खराब होना और मितली आना , चक्कर आना , सांस लेने में समस्या होना , सुन्न पड़ जाना , मृत्यु का डर महसूस होना , सच्चाई और वर्तमान परिस्थिति को स्वीकार ना कर पाना , श्वसन मार्ग में अवरोध महसूस करना।

पैनिक अटैक के कारण

फोबिया (भय) : किसी भी चीज या परिस्थिति को लेकर डर यानी उसका फोबिया होने पर लोगों को घबड़ाहट के दौरे पड़ सकते हैं।

परिस्थिति जन्य (situational) : कोई महत्वपूर्ण व्यक्तिगत क्षति या किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से दूर हो जाना तथा रोग या दुर्घटना जैसी विशेष परिस्थिति यहां पैनिक के लिए ट्रिगर के रूप में कार्य कर सकती हैं ।

विचारों में दृढ़ता व आत्मविश्वास की कमी :  ऐसे व्यक्ति जिनमें आत्मविश्वास में कमी हो आमतौर पर घबड़ाहट के दौरों का शिकार बन सकते हैं।

आनुवंशिकता : घबराहट संबंधी विकारों के लिए कई बार वंश-परंपरा को भी जिम्मेदार माना जाता है. यदि परिवार में इसका इतिहास है तो नई पीढ़ी में इस अवस्था के लेकर आशंका बढ़ जाती है।

बायोलॉजिकल कारण : ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर, किसी भयानक परिस्थितियों के कारण उत्पन्न तनाव , हाइपोग्लाइसीमिया, हाइपोथायरायडिज्म, विल्सन डिजीज, मिट्रल वाल्व प्रोलैप्स, फियोक्रोमोसाइटोमा और पोषण में कमी के कारण भी यह समस्या हो सकती है।

हाइपरवेंटिलेशन सिंड्रोम : हाइपरवेंटिलेशन सिंड्रोम श्वसन संबंधी क्षारीयता और हाइपोकैप्निया का कारण बन सकता है. इस सिंड्रोम में अक्सर प्रमुखता से मुंह से सांस लेना भी शामिल होता है. यह तेजी से दिल का धड़कना, चक्कर आना और सिर में हल्कापन महसूस होना सहित कई तरह के लक्षणों का कारण बनता है जो घबड़ाहट के दौरों को बढ़ा सकता है।

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admin October 2, 2024 October 2, 2024
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