SBILoanFraud : 2 नंबरी महिला ! गजब ठगने की खुली पोल :- सरकारी बैंकों को चूना लगाने के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन मध्य प्रदेश के शहडोल से ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर बैंक अधिकारी भी हैरान हैं. यहां एक महिला ने इतनी सफाई से जाल बुना कि देश के सबसे बड़े बैंक ‘स्टेट बैंक ऑफ इंडिया’ (SBI) को भी भनक नहीं लगी. महिला ने खुद को बिजली विभाग की बड़ी अधिकारी बताया और फर्जी दस्तावेजों के दम पर लाखों का लोन डकार लिया।
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जाली पे-स्लिप का सहारा
मामला शहडोल के कुदरी रोड स्थित एसबीआई ब्रांच का है. आरोपी महिला, जिसकी पहचान बिशाखा दांगी के रूप में हुई है, ने बैंक में ‘एक्सप्रेस क्रेडिट लोन’ के लिए आवेदन किया था. बैंक को विश्वास दिलाने के लिए उसने बिजली विभाग के फर्जी नियुक्ति आदेश और जाली पे-स्लिप तैयार की थी. कागजों की चमक-धमक ऐसी थी कि बैंक ने बिना ज्यादा शक किए 10 लाख 50 हजार 500 रुपये का लोन मंजूर कर दिया।
किस्त नहीं भरी तो खुला राज
महिला ने लोन की रकम तो निकाल ली, लेकिन जब किस्त भरने की बारी आई तो वह गायब हो गई. काफी समय तक जब बैंक के खाते में पैसा वापस नहीं आया, तो बैंक प्रबंधन ने दस्तावेजों की दोबारा बारीकी से जांच शुरू की।
शाखा प्रबंधक क्रांति कुमार साहू को तब बड़ा झटका लगा जब पता चला कि जिस बिजली विभाग की नौकरी के दम पर लोन लिया गया था, वहां इस नाम की कोई महिला काम ही नहीं करती. सारे दस्तावेज ‘फोटोशॉप’ और कूटनीति का कमाल थे।
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किराये के मकान में छिपकर बैठी थी आरोपी
धोखाधड़ी का पता चलते ही बैंक ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस के लिए यह बड़ी चुनौती थी क्योंकि महिला अपना ठिकाना बदल चुकी थी. सोहागपुर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से जाल बिछाया. कड़ी मशक्कत के बाद पता चला कि बिशाखा दांगी नर्मदापुरम में एक किराये के मकान में नाम बदलकर रह रही है. पुलिस ने टीम भेजकर उसे वहां से धर दबोचा।
शहडोल पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है. इस घटना ने एक बार फिर बैंकों की ‘लोन वेरिफिकेशन’ प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कैसे एक शातिर दिमाग आसानी से कागजों के साथ छेड़छाड़ कर लाखों रुपये लेकर फरार हो सकता है।

