By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
  • उत्तराखण्ड
    • देहरादून
    • रुड़की
    • चमोली
    • रुद्रप्रयाग
    • टिहरी गढ़वाल
    • पौड़ी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • अल्मोड़ा
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • अंतराष्ट्रीय
  • तत्काल प्रभाव
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • More
    • बकैती
    • भांडा फोड़
    • लफ्फाज़ी
    • वीडियो
Reading: JagannathRathYatra2026 : जगन्नाथ रथ यात्रा में क्यों लगाते हैं सोने की झाड़ू ?
Share
Notification Show More
Aa
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Aa
Search
  • उत्तराखण्ड
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • इंटरव्यू
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो
Follow US
  • Advertise
© 2024 Khoji narad. All Rights Reserved.
khojinarad HIndi News > खोजी नारद कहिंन > JagannathRathYatra2026 : जगन्नाथ रथ यात्रा में क्यों लगाते हैं सोने की झाड़ू ?
धार्मिक

JagannathRathYatra2026 : जगन्नाथ रथ यात्रा में क्यों लगाते हैं सोने की झाड़ू ?

क्या है सोने की झाड़ू से मार्ग साफ करने की परंपरा?

admin
Last updated: 2026/07/15 at 11:38 AM
admin
Share
5 Min Read
JagannathRathYatra2026
JagannathRathYatra2026 : जगन्नाथ रथ यात्रा में क्यों लगाते हैं सोने की झाड़ू ?
SHARE
Highlights
  • सोने की झाड़ू क्यों होती है खास?
  • समृद्धि और शुभता का भी प्रतीक है यह अनुष्ठान.
  • सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम है.

JagannathRathYatra2026 : जगन्नाथ रथ यात्रा में क्यों लगाते हैं सोने की झाड़ू ? :-  हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन के साक्षी बनने के लिए ओडिशा के पुरी पहुंचते हैं. इस बार 16 जुलाई से जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का शुभारंभ होने जा रहा है. भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे. लेकिन इस यात्रा की शुरुआत से पहले निभाई जाने वाली एक विशेष परंपरा सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बनती है. यह परंपरा है गजपति महाराज द्वारा सोने के हत्थे वाली झाड़ू से रथ मार्ग की सफाई करना, जिसे ‘छेरा पहंरा’ कहा जाता है।

Contents
क्या है सोने की झाड़ू से मार्ग साफ करने की परंपरा?सोने की झाड़ू क्यों होती है खास?समृद्धि और शुभता का भी प्रतीक है यह अनुष्ठानसदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम है

क्या है सोने की झाड़ू से मार्ग साफ करने की परंपरा?

रथ यात्रा के आरंभ से पहले पुरी के गजपति महाराज या उनके राजवंश के उत्तराधिकारी भगवान के रथों के सामने सोने के हत्थे वाली विशेष झाड़ू से मार्ग की सफाई करते हैं. इस दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण होता है और श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना देते हैं. इसके बाद ही भगवान के रथ आगे बढ़ते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी उसी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाई जाती है।

सोने की झाड़ू क्यों होती है खास?

हिंदू धर्म में सोने को पवित्रता, दिव्यता और श्रेष्ठता का प्रतीक माना गया है. यही कारण है कि भगवान के रथ के मार्ग को साधारण झाड़ू से नहीं, बल्कि सोने के हत्थे वाली झाड़ू से साफ किया जाता है. यह केवल सफाई का कार्य नहीं, बल्कि भगवान के स्वागत का सबसे सम्मानजनक और पवित्र तरीका माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि जब भगवान स्वयं नगर भ्रमण के लिए निकलते हैं, तब उनके मार्ग को पूरी श्रद्धा, सम्मान और शुद्धता के साथ तैयार किया जाना चाहिए. सोने की झाड़ू इसी दिव्य भावना का प्रतीक मानी जाती है।

इस परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण संदेश विनम्रता और समानता है. गजपति महाराज स्वयं अपने हाथों से रथ के मार्ग की सफाई करते हैं, जिससे यह संदेश दिया जाता है कि भगवान के सामने कोई बड़ा या छोटा नहीं होता. चाहे वह राजा हो या सामान्य व्यक्ति, ईश्वर की दृष्टि में सभी समान हैं. राजा द्वारा झाड़ू लगाना सेवा, समर्पण और अहंकार त्यागने की भावना को दर्शाता है. यह परंपरा बताती है कि सत्ता और वैभव से ऊपर ईश्वर की भक्ति और सेवा का स्थान है. इसलिए इस अनुष्ठान को रथ यात्रा का सबसे प्रेरणादायक दृश्य माना जाता है।

समृद्धि और शुभता का भी प्रतीक है यह अनुष्ठान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोना केवल धन का प्रतीक नहीं, बल्कि शुभता, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है. इसलिए सोने की झाड़ू से रथ मार्ग की सफाई पूरे वातावरण को मंगलमय बनाने का प्रतीकात्मक अनुष्ठान मानी जाती है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिव्य परंपरा के दर्शन करने से भगवान जगन्नाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. यही वजह है कि लाखों श्रद्धालु इस अनोखी रस्म को देखने के लिए हर साल पुरी पहुंचते हैं।

सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम है

समय के साथ रथ यात्रा का स्वरूप भले ही और भव्य हुआ हो, लेकिन इसकी मूल परंपराएं आज भी पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जाती हैं. गजपति महाराज द्वारा सोने की झाड़ू से मार्ग साफ करने की परंपरा भी उन्हीं अमूल्य धार्मिक विरासतों में शामिल है, जिसने सदियों से अपनी पहचान बनाए रखी है. यह परंपरा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के उन मूल्यों को भी जीवंत करती है, जिनमें सेवा, समानता, विनम्रता और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण को सर्वोच्च स्थान दिया गया है. इसलिए जगन्नाथ रथ यात्रा का यह दृश्य हर श्रद्धालु के मन में गहरी आस्था और भक्ति का भाव उत्पन्न करता है।

You Might Also Like

 DooonPoliceAction : एसएसपी दून की सटीक रणनीति से फर्जी आईपीएस ऑफिसर चढ़ा दून पुलिस के हत्थे

छात्रों की गूंज के लिए तैयार Dehradun, कल Rahul Gandhi करेंगे युवाओं से संवाद

छात्रों की गूंज’ को लेकर संजय कनोजिया उर्फ कद्दू भाई का बड़ा बयान!

HarelaFestival2026 : एक पर्व, सात बीज और प्रकृति का संदेश जानिए हरेला की अनोखी परंपरा

BengalPolitics : कांग्रेस ने दिया ममता बनर्जी को न्योता

TAGGED: #khojinaradbreakingnews, ChheraPaharaRitual, DivineGoldenBroom, GajapatiMaharajaService, GoddessSubhadraRath, GoldenBroomTradition, HinduTraditionsOdisha, JagannathRathYatra2026, JagannathRathYatraHistory, khojinarad, LordBalabhadraGundicha, LordJagannathYatra, OdishaRathYatra, PuriJagannathTemple, PuriRathYatra2026, RathYatraRituals, SpiritualHumilityRitual

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
admin July 15, 2026 July 15, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article AssemblyElection2027 AssemblyElection2027 : 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासत गरमाई
Next Article DaHongPao DaHongPao : ये है दुनिया की सबसे महंगी चाय

Advt.

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1.mp4

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1.mp4

Latest News

DooonPoliceAction
 DooonPoliceAction : एसएसपी दून की सटीक रणनीति से फर्जी आईपीएस ऑफिसर चढ़ा दून पुलिस के हत्थे
देहरादून July 16, 2026
छात्रों की गूंज के लिए तैयार Dehradun, कल Rahul Gandhi करेंगे युवाओं से संवाद
देहरादून July 16, 2026
छात्रों की गूंज’ को लेकर संजय कनोजिया उर्फ कद्दू भाई का बड़ा बयान!
देहरादून July 16, 2026
HarelaFestival2026
HarelaFestival2026 : एक पर्व, सात बीज और प्रकृति का संदेश जानिए हरेला की अनोखी परंपरा
उत्तराखण्ड July 16, 2026
//

Khoji Narad is a Uttarakhand-based news website that delivers comprehensive coverage of national and international news. With a focus on accurate, timely, and in-depth reporting, Khoji Narad offers insights into politics, business, culture, and more, while also highlighting the unique stories from the heart of Uttarakhand.

Quick Link

  • इंटरव्यू
  • खोजी नारद कहिंन
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो

Top Categories

  • उत्तराखण्ड
  • अंतराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • महाराष्ट्र

Contact

Smriti Sahgal (Editor)
Address: 207/4, Vijaypur, Gopiwala, Anarwala Dehradun-248001, Uttarakhand
Phone: 9837663626
Email: indiankhojinarad@gmail.com

 

khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Follow US
© 2024 Khoji Narad. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?