ViksitBharatGRamJiYojana : विकसित भारत – जी राम जी योजना प्रदेश में लागू – धीराज गर्ब्याल :- ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में राज्य में महात्मा गांधी नरेगा योजना के स्थान पर विकसित भारत – जी राम जी योजना 1 जुलाई से प्रारम्भ कर दी गई है।
योजनान्तर्गत अकुशल श्रमिकों को वित्तीय वर्ष में 125 दिन का श्रम रोजगार दिये जाने का प्राविधान है। योजनान्तर्गत 318 कार्य अनुमन्य कार्यों की सूची में सम्मिलित किए गए हैं। जिसमें जल संरक्षण के 107, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना के 88, ग्रामीण आजीविका के 86 एवं आपदा न्यूनीकरण के 37 कार्य हैं। भारत सरकार द्वारा 1 जुलाई से राज्य हेतु ₹300/- प्रतिदिन मजदूरी दर निर्धारित की गई है।
इस संबंध में सचिव, ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल ने बताया कि प्रदेश में 91.57% सक्रिय श्रमिकों की e-KYC की जा चुकी है। शेष सभी जॉब कार्ड धारक परिवारों/श्रमिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे सम्बन्धित ग्राम पंचायत/विकासखण्ड कार्यालय में एक सप्ताह के भीतर उपस्थित होकर e-KYC करवा लें, ताकि योजनान्तर्गत आसानी से अकुशल श्रम रोजगार प्राप्त हो सके।
महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत जिन सक्रिय श्रमिकों की e-KYC की जा चुकी है, उनके जॉब कार्ड विकसित भारत – जी राम जी योजनान्तर्गत ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड बनने तक वैध रहेंगे।उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत गतिमान कार्यों को विकसित भारत – जी राम जी योजना में अनुमन्य कार्यों के आधार पर समाहित किया जाएगा। इसके लिये समस्त ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास हेतु जनपद स्तर पर कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
सचिव ने जानकारी दी कि राज्य में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में समस्त ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत पीएमएवाई-जी 2.0 सर्वेक्षण सूची का अन्तिमीकरण किए जाने हेतु ग्राम सभा की खुली बैठकें आयोजित कराई जा रही हैं, जिसकी अन्तिम तिथि 10 जुलाई, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित की गई है।
बैठकों में सर्वेक्षण में चिन्हित लाभार्थियों की पात्रता का निर्धारण सम्बन्धित ग्राम सभा द्वारा किया जा रहा है। साथ ही ग्राम सभा की खुली बैठक में किसी पात्र व्यक्ति/परिवार के सर्वे से वंचित/छूटने का प्रकरण संज्ञान में आने पर विकासखण्ड स्तरीय अधिकारियों द्वारा वंचित/छूटे परिवारों की सूची जनपद को प्रेषित की जाएगी। जनपदों द्वारा सूची 6 जुलाई तक शासन को प्रेषित की जानी है, ताकि सूची ससमय आवश्यक कार्रवाई हेतु भारत सरकार को प्रेषित की जा सकें।

