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धार्मिक

SaturdayPeepalPuja : शनिवार को पीपल की पूजा का रहस्य

शनिवार को पीपल की पूजा क्यों की जाती है ?

admin
Last updated: 2026/08/22 at 10:56 AM
admin
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4 Min Read
SaturdayPeepalPuja
SaturdayPeepalPuja : शनिवार को पीपल की पूजा का रहस्य
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Highlights
  • शनि त्रयोदशी पर क्यों बढ़ जाता है महत्व?
  • सनातन परंपरा में पीपल के वृक्ष को बेहद पवित्र माना गया है.
  • शनिवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद सबसे पहले पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें.

SaturdayPeepalPuja : शनिवार को पीपल की पूजा का रहस्य :-  सनातन परंपरा में शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित होता है, और जब इस दिन त्रयोदशी तिथि का मेल होता है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. इस विशेष दिन पर शनि देव की कृपा पाने के लिए भक्त कई तरह के उपाय करते हैं, लेकिन इनमें सबसे प्रमुख और अचूक उपाय माना जाता है. शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा करना. आखिर शनिवार और पीपल के पेड़ का क्या संबंध है? क्यों इस दिन पीपल की परिक्रमा करने और दीया जलाने से शनि देव शांत हो जाते हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे छिपे पौराणिक और धार्मिक महत्व को।

Contents
शनिवार को पीपल की पूजा क्यों की जाती है ?शनि त्रयोदशी पर क्यों बढ़ जाता है महत्व?

शनिवार को पीपल की पूजा क्यों की जाती है ?

सनातन परंपरा में पीपल के वृक्ष को बेहद पवित्र माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पीपल में भगवान विष्णु का वास माना जाता है, जबकि शनिवार के दिन इस वृक्ष की पूजा करने से शनि देव भी प्रसन्न होते हैं. यही वजह है कि शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पीपल के वृक्ष के पास जाकर पूजा-अर्चना करते हैं. मान्यता है कि पीपल की जड़ में जल अर्पित करने, दीपक जलाने और परिक्रमा करने से व्यक्ति को शुभ फल की प्राप्ति होती है. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।

शनि त्रयोदशी पर क्यों बढ़ जाता है महत्व?

शनि त्रयोदशी वह विशेष तिथि होती है, जब त्रयोदशी तिथि और शनिवार का संयोग बनता है. धार्मिक दृष्टि से यह दिन शनि देव की कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक शनि देव की पूजा, पीपल की सेवा और जरूरतमंदों को दान करने से शनि दोष का प्रभाव कम हो सकता है. जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि से जुड़ी अन्य चुनौतियां चल रही हों, वे भी इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।

शनिवार के दिन सुबह स्नान करने के बाद सबसे पहले पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें. इसके बाद तिल के तेल का दीपक जलाएं और श्रद्धापूर्वक भगवान विष्णु तथा शनि देव का याजकरें. इसके बाद पीपल की सात या 11 परिक्रमा करें. पूजा के दौरान ओम शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है. पूजा पूरी होने के बाद अपनी मनोकामना बोले और सभी के सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

शनिवार के दिन पीपल की पूजा के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है. काले तिल, उड़द की दाल, तिल के तेल, काले वस्त्र या लोहे से बनी उपयोगी वस्तुओं का दान अपनी श्रद्धा के अनुसार किया जा सकता है. इसके अलावा हनुमान जी की पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ फलदायी माना जाता है।

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