GangaExpressway : प्रयागराज से सीधे हरिद्वार पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे :- धार्मिक नगरी हरिद्वार की देश के बड़े शहरों से कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार अब उत्तराखंड के हरिद्वार तक करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार के साथ होने वाले समझौता ज्ञापन के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। गंगा एक्सप्रेसवे के इस विस्तार के बाद मेरठ से हरिद्वार का सफर 3 घंटे की बजाय महज 90 मिनट में पूरा हो जाएगा। वहीं, प्रयागराज से हरिद्वार की दूरी तय करने में अब 12-14 घंटे के बजाय सिर्फ 7 से 8 घंटे लगेंगे।
इस ऐतिहासिक समझौते की सबसे बड़ी बात यह है कि एक्सप्रेसवे निर्माण का संपूर्ण वित्तीय खर्च उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) द्वारा वहन किया जाएगा।हरिद्वार तक एक्सप्रेसवे के विस्तार से न केवल तीर्थयात्रियों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बड़ी रफ्तार मिलेगी।
उत्तराखंड की भूमिका: उत्तराखंड सरकार पर कोई आर्थिक भार नहीं आएगा। राज्य सरकार केवल भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली/पानी की लाइनें और पोल हटाना) में प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेगी।गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक पहुंचाने के लिए बिजनौर (उत्तर प्रदेश) से होकर लगभग 30 किलोमीटर लंबा नया कनेक्टिविटी मार्ग बनाया जाएगा। दोनों राज्यों के अधिकारियों और हरिद्वार जिला प्रशासन के साथ बैठकों के बाद इस रूट मैप को अंतिम रूप दे दिया गया है।
आम नागरिक को मिलेगा फायदा –
जाम से मुक्ति: कांवड़ यात्रा, महाकुंभ और वीकेंड पर दिल्ली-एनसीआर से आने वाले श्रद्धालुओं को घंटों लंबे ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी।
चारधाम कनेक्टिविटी: देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालु अब सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर के जरिए हरिद्वार पहुंचकर बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा शुरू कर सकेंगे।
उद्योग और रोजगार: सिडकुल (SIDCUL) हरिद्वार के उद्योगों को सीधी लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे नए निवेश और रोजगार के रास्ते खुलेंगे।

