By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
  • उत्तराखण्ड
    • देहरादून
    • रुड़की
    • चमोली
    • रुद्रप्रयाग
    • टिहरी गढ़वाल
    • पौड़ी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • अल्मोड़ा
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • अंतराष्ट्रीय
  • तत्काल प्रभाव
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • More
    • बकैती
    • भांडा फोड़
    • लफ्फाज़ी
    • वीडियो
Reading: HoliGujiya : होली की गुझिया भारत की है या विदेशी ?
Share
Notification Show More
Aa
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Aa
Search
  • उत्तराखण्ड
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • इंटरव्यू
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो
Follow US
  • Advertise
© 2024 Khoji narad. All Rights Reserved.
khojinarad HIndi News > अंतराष्ट्रीय > HoliGujiya : होली की गुझिया भारत की है या विदेशी ?
राष्ट्रीय

HoliGujiya : होली की गुझिया भारत की है या विदेशी ?

गुझिया भारत के अलग-अलग इलाकों में कई अलग-अलग नामों से जानी जाती है.

admin
Last updated: 2026/03/02 at 11:28 AM
admin
Share
4 Min Read
HoliGujiya
HoliGujiya : होली की गुझिया भारत की है या विदेशी ?
SHARE
Highlights
  • क्या मुगलों से है इसका कनेक्शन ?
  • भारत में अलग-अलग नामों से इसकी पहचान.
  • गुजरात में इसे घुघरा कहा जाता है. हर क्षेत्र में इसकी भरावन बदल जाती है.

HoliGujiya :  होली की गुझिया भारत की है या विदेशी ? :-  होली और गुझिया. दोनों में गजब का रिश्ता है. यह एक ऐसा पकवान है जो घर-घर में बनता आ रहा है. और इसकी खूशबू के साथ ही कोई भी व्यक्ति इसका फैन हो जाता है. बिना स्वाद लिए रहा नहीं जाता. समय जैसे-जैसे आगे बढ़ा, गुझिया के बनाने के तरीके भी बदले. गुझिया में भरने वाली चीजें भी बदलीं लेकिन एक चीज जो नहीं बदली, वह है गुझिया की डिजाइन।

Contents
क्या मुगलों से है इसका कनेक्शन ?भारत में अलग-अलग नामों से इसकी पहचान

बड़ी ख़बर एक क्लिक में :- केला खाने के अचूक फायदे

साइज़ में यह छोटी-बड़ी हो सकती है लेकिन दिखने में गुझिया का डिजाइन प्रायः एक ही दिखाई देता है.लेकिन क्या आप जानते हैं कि गुझिया आखिर आई कहां से? क्या इसका नाता मुगलों से है या यह पूरी तरह भारतीय है? आइए, होली के बहाने गुझिया के दिलचस्प इतिहास और इसके सफर पर एक नजर डालते हैं।

गुझिया का इतिहास काफी पुराना है. कई खाद्य इतिहासकार इसे प्राचीन भारतीय पकवानों से जोड़कर देखते हैं. भारत में मीठे पकवानों की परंपरा सदियों पुरानी है. प्राचीन ग्रंथों में अपूप और पुआ जैसे पकवानों का जिक्र मिलता है. गुझिया का शुरुआती रूप ‘शष्कुली’ माना जाता है. शष्कुली एक प्रकार की तली हुई मिठाई थी. इसमें मैदा और चीनी का इस्तेमाल होता था।

बड़ी ख़बर एक क्लिक में :- सरसों का तेल और लहसुन के फायदे
केटी अचाया की किताब इंडियन फूड: ए हिस्टोरिकल कम्पेनियन में भारतीय व्यंजनों के विकास पर काफी कुछ लिखा हुआ है. किताब के अनुसार गुझिया जैसे पकवानों के प्रमाण 13वीं शताब्दी के आसपास मिलते हैं. उस समय इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता था. मध्यकाल के दौरान इसमें भरावन की परंपरा शुरू हुई।

क्या मुगलों से है इसका कनेक्शन ?

अक्सर लोग गुझिया को मुगलों से जोड़कर देखते हैं. इसके पीछे एक बड़ा कारण समसा या समोसा है. समोसा मध्य एशिया से भारत आया था. मुगलों के दौर में समोसे के मीठे रूप भी प्रचलित हुए. कुछ इतिहासकारों का मानना है कि गुझिया समोसे का ही एक मीठा अवतार है. तुर्की और मध्य एशिया में बकलावा जैसी मिठाइयां मशहूर थीं. वहां मैदे की परतों में सूखे मेवे भरने का रिवाज था।

मुगल काल में खानपान में कई बदलाव आए. शाही रसोइयों में नए प्रयोग किए गए. मावा (खोया) और सूखे मेवों का इस्तेमाल बढ़ गया. गुझिया में मावा भरने की कला शायद इसी दौर में निखरी. हालांकि, गुझिया का आकार और बनाने का तरीका इसे समोसे से अलग बनाता है. इसे पूरी तरह मुगलई कहना गलत होगा. यह भारतीय और मध्य एशियाई पाक कला का एक सुंदर मिश्रण दिखाई देता है।

भारत में अलग-अलग नामों से इसकी पहचान

गुझिया भारत के अलग-अलग इलाकों में कई अलग-अलग नामों से जानी जाती है. उत्तर भारत में इसे गुझिया तो कहीं-कहीं पेड़किया कहते हैं. महाराष्ट्र में इसे करंजी कहा जाता है. दक्षिण भारत में इसे सोमास या कज्जीकायलू के नाम से जानते हैं।

गुजरात में इसे घुघरा कहा जाता है. हर क्षेत्र में इसकी भरावन बदल जाती है.उत्तर भारत में इसमें मावा और सूजी भरी जाती है. महाराष्ट्र में नारियल और गुड़ का इस्तेमाल होता है. दक्षिण भारत में चने की दाल और नारियल भरा जाता है. नाम और स्वाद भले अलग हों, लेकिन इसकी आत्मा एक ही है. यह हर जगह खुशियां बांटने का काम करती है।

You Might Also Like

UttarakhandTourism : उत्तराखंड में तेजी से बढ़ता पर्यटन – विकास या संकट?

HinduMythology : रात में भूलकर न लें इन देवताओं के नाम !

Hindurituals : कौन से देवता करते हैं दुल्हनों की रक्षा ?

AndroidSecurity : रहेंगे सेफ, अपने Android फोन में ऑन करें सिक्योरिटी फीचर

SupremeCourt : पागल कुत्तों पर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला

TAGGED: #HoliFestival, #HoliSpecial, #khojinaradbreakingnews, AirFryerGujiya, BourbonGujiya, GujiyaFusion, GujiyaHacks, GujiyaHistory, GujiyaRecipe, HoliGujiya, IndianSweets, KhastaGujiya, khojinarad, MawaGujiya, PerfectGujiya, Shashkuli, ViralGujiya

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
admin March 2, 2026 March 2, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article HealthFormula HealthFormula : 40+ हेल्थ फार्मूला ! बदलें अपनी लाइफस्टाइल
Next Article UttarakhandNews UttarakhandNews : पूर्णागिरी मंदिर जहां गिरी थी सती की नाभि

Advt.

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1.mp4

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1.mp4

Latest News

UttarakhandTourism
UttarakhandTourism : उत्तराखंड में तेजी से बढ़ता पर्यटन – विकास या संकट?
उत्तराखण्ड May 20, 2026
HinduMythology
HinduMythology : रात में भूलकर न लें इन देवताओं के नाम !
धार्मिक May 20, 2026
Hindurituals
Hindurituals : कौन से देवता करते हैं दुल्हनों की रक्षा ?
इंटरव्यू May 20, 2026
AndroidSecurity
AndroidSecurity : रहेंगे सेफ, अपने Android फोन में ऑन करें सिक्योरिटी फीचर
इंटरव्यू May 20, 2026
//

Khoji Narad is a Uttarakhand-based news website that delivers comprehensive coverage of national and international news. With a focus on accurate, timely, and in-depth reporting, Khoji Narad offers insights into politics, business, culture, and more, while also highlighting the unique stories from the heart of Uttarakhand.

Quick Link

  • इंटरव्यू
  • खोजी नारद कहिंन
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो

Top Categories

  • उत्तराखण्ड
  • अंतराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • महाराष्ट्र

Contact

Smriti Sahgal (Editor)
Address: 207/4, Vijaypur, Gopiwala, Anarwala Dehradun-248001, Uttarakhand
Phone: 9837663626
Email: indiankhojinarad@gmail.com

 

khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Follow US
© 2024 Khoji Narad. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?