HinduMythology : रात में भूलकर न लें इन देवताओं के नाम ! :- धार्मिक मान्यताओं में कुछ देवी-देवताओं और अदृश्य शक्तियों का संबंध रात्रि और तंत्र साधना से माना जाता है। यही वजह है कि पुराने समय में लोग रात के दौरान कुछ नाम लेने से बचते थे। हालांकि, धर्म ग्रंथों में ऐसा कोई स्पष्ट नियम नहीं मिलता कि किसी देवी-देवता का नाम रात में लेना पूरी तरह वर्जित है। तांत्रिक परंपराओं में कुछ विशेष शक्तियों का नाम रात में न लेने की बात कही गई है। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ मान्यताओं के बारे में…
काल भैरव का नाम रात में न लें
भगवान काल भैरव वैसे तो शिव के अवतार हैं लेकिन रूप बहुत ही उग्र है। तांत्रिक परंपराओं में उनकी पूजा विशेष रूप से रात्रि में की जाती है। भैरव के अनेक रूप हैं, इनके से सबसे खतरनाक हैं श्मशान भैरव। उनकी साधना के कुछ विशेष नियम होते हैं इसलिए रात में इनका नाम लेने से बचना चाहिए।
नागदेवता का नाम लेने से भी बचें
हिंदू मान्यताओं के अनुसार रात को नाग देवता का नाम लेना भी अशुभ माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने आस-पास रहने वाला नाग आकर्षित हो जाते हैं और हमारे या परिवार के साथ कुछ बुरा कर सकते हैं। इसलिए रात में नाग देवता का नाम नहीं लेना चाहिए।
यक्ष और अदृश्य शक्तियों की मान्यता
धर्म ग्रंथों में यक्षों को भी देवता ही माना गया है। ये छिपे धन की रक्षा करते हैं लेकिन इनका स्वरूप बहुत विकराल होता है। इनकी पूजा भी तामसिक रूप से की जाती है। ये रात में अधिक सक्रिय होते हैं। हालांकि यक्ष पूरी तरह नकारात्मक नहीं होते लेकिन फिर भी रात में इनका नाम नहीं लेना चाहिए।
रहस्यमयी होते हैं बेताल
भारतीय लोक कथाओं में बेताल को एक रहस्यमयी शक्ति के रूप में दिखाया गया है। लोक मान्यताओं में बेताल का संबंध श्मशान, अंधेरी रात और रहस्यमयी घटनाओं से जोड़ा जाता है। इसी कारण गांवों और पुराने समाजों में लोग रात के समय बेताल या ऐसी शक्तियों का नाम लेने से बचते थे।

