आपके नाम कितने सिम कार्ड ? ऐसे चेक करें :- क्या आप इस बात से अनजान है, कि आपके नाम कितने सिम कार्ड चल रहे हैं ? यदि आपका जवाब हां है तो आप ये एक आसान तरीका अपना लीजिए, आप साइबर ठगी का शिकार नहीं होंगे। आपके नाम कितने फर्जी सिम कार्ड चल रहे हैं, इसे चेक करने के लिए हम आपको पूरी प्रोसेस बता रहे हैं –
बीते दिनों अजब गजब मध्यप्रदेश की साइबर पुलिस को प्रदेशभर भर से 7 हजार 500 ऐसे सिम कार्ड ऐसे मिले हैं, जिनका भारत समेत अन्य देशों से साइबर ठगी में इस्तेमाल किया जा रहा था। एमपी पुलिस को इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) से ये इनपुट मिले थे। जिसके बाद 20 जिलों से 94 संदिग्ध सिम विक्रेताओं को हिरासत में लिया गया, इनमें से करीब 44 की गिरफ्तारी दर्ज की जा चुकी है। फर्जी सिम लेकर साइबर फ्रॉड करने वाले गिरोह के लंबे तार थे। यहां कंबोडिया, थाईलैंड, झारखंड, बंगाल, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली तक एक्टिव थे।
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फर्जी सिम बनाने पर ऐसे लिया एक्शन
जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश के 5 जिले ऐसे सामने आए, जहां 100 से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड बनाए गए थे। ग्वालियर, इंदौर, दमोह, मुरैना और जबलपुर में 50 से 100 सिम कार्ड जारी किए गए थे। 100 से अधिक सिम बनाने वालों पर प्रदेश और इससे कम सिम कार्ड बेचने वालों पर जिला स्तर से कार्रवाई की गई।
एक्टिव सिम कार्ड की ऐसे करें जांच
इस वेबसाइट पर https://tafcop.sancharsaathi.gov.in या https://sancharsaathi.gov.in पर जाएं।
सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP से लॉगिन करें।
यदि आपके नाम अनजान नंबर नजर आए उसे ‘This is not my number’ या ‘Deactivate’ पर क्लिक करके शिकायत दर्ज करें।
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यहां दर्ज करा सकते हैं शिकायत
किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड की शिकायत 1930 पर कॉल करें।
वेबसाइट https://cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन कम्प्लेंट कर सकते हैं।
1 ID पर कितनी बना सकते हैं सिम ?
– नियम है कि एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड ले सकते हैं।
– यह सुविधा मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात समेत अन्य राज्यों में है।
– जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में 6 सिम कार्ड बना सकते हैं।
फर्जी सिम कार्ड बनने से ऐसे रोके
– सिम देने से पहले दुकानदार आधार कार्ड और फोटो की आॅरिजनल या झेराक्स की कॉपी लेता है।
– कुछ दुकानदार इस दस्तावेज के आधार पर कई सिम कार्ड एक्टिव कर देते है।
– दुकानदार कई बार ग्राहक के थंब इम्प्रेशन को सेव कर लेते हैं
– या बायोमेट्रिक क्लोनिंग के जरिए नकली थंब इम्प्रेशन बनाते हैं।
– ग्राहक थंब इम्प्रेशन देने के बाद मशीन को साफ करवाएं।
– अपने आधार कार्ड की फोटो कॉपी पर तारीख और हस्ताक्षर जरूर करें।
फर्जी सिम से बचने के पांच उपाय
रजिस्टर्ड पीओएस, फ्रेंचाइजिस एजेंट से सिम लें।
किसी को आधार, केवायसी ओटी साझा न करें।
सिम के साथ रसीद लेकर कार्ड जारी करने का मैसेज चेक करें।
ईकेवायसी में मोबाइल पर वैरीफिकेशन ओटीपी व आधार प्रमाणीकरण देखें।
नया सिम लेकर 24 घंटे में बैंक सेवा की ओटीपी गतिविधि देखें।
सजा, जुर्माना का क्या प्रावधान ?
इंफॉर्मेशन टेक्नलॉजी एक्ट के सेक्शन 66सी आईडेंटिटी थेफ्ट का अपराध है।
इसमें 3 साल तक की कैद, ₹1 लाख तक का जुर्माना का प्रावधान है।
सेक्शन 468 के तहत 7 साल तक की सजा।
फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल पर आईपीसी सेक्शन 471
टेलीकॉम साधन, नियम का दुरुपयोग, अवैध SIM वितरण
इस पर 3 साल तक की कैद, ₹50-लाख तक का जुर्माना।

