प्रधानमंत्री ने कहा कि वित्तीय दुनिया में प्रौद्योगिकी तेजी से हावी हो रही है। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि महामारी के दौरान डिजिटल भुगतान ने संपर्क रहित और बिना किसी परेशानी के ट्रांजेक्शन को सक्षम बनाया।
वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की G20 बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता, भरोसा और वृद्धि प्रदान करना समूह के लिए बहुत अधिक आवश्यक है।
भारत की G20 अध्यक्षता के तहत पहला महत्वपूर्ण कार्यक्रम वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों की यह बैठक है।
पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक वित्त एवं अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व आप ऐसे समय कर रहे हैं जब दुनिया गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही है।
covid-19 ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को जो झटका दिया है वह एक सदी में एक बार होने वाला घटनाक्रम है। इसके बाद के प्रभावों से अनेक देश, विशेषकर विकासशील अर्थव्यवस्थाएं अब भी उबर नहीं पाई हैं।
दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव भी बढ़ रहा है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व की जनसंख्या आठ अरब को पार कर चुकी है लेकिन ऐसा लग रहा है कि सतत विकास लक्ष्यों को लेकर प्रगति धीमी पड़ रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘जलवायु परिवर्तन और ऋण के उच्च स्तरों जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने की खातिर हमें बहुपक्षीय विकास बैंकों को मजबूत करना होगा और इसके लिए हमें मिलकर काम करना होगा।’
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भविष्य को लेकर भारत के उपभोक्ता तथा उत्पादक आश्वस्त एवं आशावादी हैं।
उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आप समान सकारात्मक भावना को वैश्विक अर्थव्यवस्था तक पहुंचाने में सक्षम होंगे।

