IndiaFirstTelephone : किस भारतीय ने लिया था पहला टेलीफोन कनेक्शन :- क्या आपको मालूम है कि भारत में टेलीफोन कब आया. कहां पहला एक्सचेंज खुला और कौन वो पहला भारतीय था, जिसने भारत के इस पहले टेलीफोन एक्सचेंज से कनेक्शन लिया. तब टेलीफोन के कनेक्शन आमतौर पर बड़े अंग्रेज अफसरों और सरकारी आफिसों में ही दिए गए थे. हालांकि तब ये एक्सचेंज कैसे काम करते थे और कैसे नंबर सिस्टम होता था, ये भी बहुत दिलचस्प है।
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भारत में टेलीफोन 1881 में ब्रिटिश राज द्वारा लाया गया. इंग्लैंड की एक प्राइवेट कंपनी ने भारत में तीन शहरों में एक साथ तीन टेलीफोन एक्सचेंज खोले. ये कोलकाता, बांबे यानि मुंबई और मद्रास यानि चेन्नई में खोले गए।
इसे मुख्य रूप से प्रशासनिक नियंत्रण, व्यापार सुविधा और सैन्य संचार के लिए स्थापित किया गया. इसे इंग्लैंड की ओरिएंटल टेलीफोन कंपनी लिमिटेड ने शुरू किया. कोलकाता में 28 जनवरी 1882 में ये सेवा शुरू हुई. इसमें किस भारतीय को पहले 50 कनेक्शन में जगह दी गई. इस तरह वो शख्स भारत में टेलीफोन कनेक्शन पाने वाला पहला भारतीय बना।
दुनिया का पहला टेलीफोन एक्सचेंज
आपके लिए यहां ये जानना भी जरूरी है कि दुनिया का पहला टेलीफोन एक्सचेंज 1878 में अमेरिका के न्यू हेवन शहर में स्थापित हुआ था. टेलीफोन का आविष्कार 1876 में अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने किया. तो भारत में जब पहला एक्सचेंज कोलकाता में शुरू हुआ तो इसकी क्षमता शुरू में बहुत ज्यादा कनेक्शऩ की नहीं थी।
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ये क्षमता 93 टेलीफोन कनेक्शन की बताई जाती है. ऐसे में अंग्रेजों ने शुरू में किसी भारतीय को कनेक्शन देने पर विचार ही नहीं किया लेकिन एक भारतीय ऐसा भी था, जिसे कनेक्शन दिया गया।
हालांकि ये आसान तो नहीं था. इस भारतीय का नाम था बाबू सागर दत्त. वह 19वीं सदी के कोलकाता के एक प्रसिद्ध बंगाली व्यापारी, उद्योगपति और दानदाता थे. उन्हें भारत के शुरुआती आधुनिक व्यापारियों में गिना जाता है. इतिहास में उनका नाम इसलिए भी दर्ज है क्योंकि वे भारत में टेलीफोन लेने वाले पहले भारतीयों में शामिल थे।

