ChamoliELibrary : चमोली में चमत्कार – ई-लाइब्रेरी बनी मददगार :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और सशक्त अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू करने के बाद, सरकार का विशेष फोकस दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को अत्याधुनिक शैक्षणिक संसाधन मुहैया कराने पर है। इसी कड़ी में चमोली जिला प्रशासन द्वारा संचालित ई-लाइब्रेरी सीमांत क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के लिए सफलता का नया केंद्र बनकर उभरी है।
मिल रही हैं आधुनिक सुविधाएं
दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए यह ई-लाइब्रेरी एक आधुनिक अध्ययन केंद्र के रूप में स्थापित हुई है। यहाँ छात्र-छात्राएं केवल अपना पहचान पत्र और मात्र 500 रुपये का न्यूनतम शुल्क जमा कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
लाइब्रेरी में अभ्यर्थियों को मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं:
हाई-स्पीड इंटरनेट: निर्बाध ऑनलाइन पढ़ाई के लिए वाई-फाई सुविधा।
अपडेटेड स्टडी मटीरियल: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आधुनिक पुस्तकें एवं ई-रिसोर्सेज।
अनुकूल माहौल: शांत, अनुशासित और एकाग्रता बढ़ाने वाला अध्ययन वातावरण।
2,600 से अधिक पंजीकरण
ई-लाइब्रेरी के प्रति युवाओं का बढ़ता रुझान इसकी उपयोगिता और सफलता को साबित करता है। वर्तमान में यहाँ 2,600 से अधिक छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हो चुका है, जबकि प्रतिदिन औसतन 90 विद्यार्थी नियमित रूप से अध्ययन के लिए पहुंच रहे हैं।
हर साल बढ़ रहा चयन का ग्राफ
जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, ई-लाइब्रेरी से तैयारी करने वाले युवाओं का विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयन लगातार बढ़ रहा है:
वर्ष 2023-24: 11 अभ्यर्थियों का विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयन हुआ।
वर्ष 2024-25: चयन का आंकड़ा बढ़कर 17 तक पहुंचा।
वर्ष 2025-26 (अब तक):
उत्तराखंड पुलिस: 11 युवा
ITBP (SSC GD): 2 युवा
अग्निवीर (भारतीय सेना): 3 युवा
E-Library Chamoli- युवाओं ने जताई खुशी
ई-लाइब्रेरी में तैयारी कर रहे स्थानीय युवाओं ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की है। छात्रा अंबिका और छात्र विकास ने बताया कि पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को पहले प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।
अब घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण वातावरण मिलने से वे अधिक व्यवस्थित और केंद्रित होकर तैयारी कर पा रहे हैं।जिला प्रशासन का मानना है कि ई-लाइब्रेरी जैसी पहलें न केवल युवाओं को रोजगार से जोड़ रही हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भी बना रही हैं। सही संसाधन और अनुकूल माहौल मिलने पर पहाड़ के युवा हर चुनौती को अवसर में बदलने में सक्षम साबित हो रहे हैं।

