AIImageGenerator : बिना बताए आपका चेहरा होगा AI से क्लोन :- क्या आप जानते हैं कि जब आप रात को चैन की नींद सो रहे होते हैं, तब दुनिया के किसी कोने में बैठा कोई अनजान शख्स सिर्फ आपका नाम टाइप करके आपके चेहरे की हूबहू नकली तस्वीरें बना सकता है? टेक दिग्गज मेटा (Meta) ने इस हफ्ते सोशल मीडिया की दुनिया में एक ऐसा कदम रखा है, जिसने करोड़ों यूजर्स की रातों की नींद उड़ा दी है।
मेटा के ‘सुपरइंटेलिजेंस लैब्स’ ने अपना पहला इन-हाउस एआई पिक्चर-जेनरेशन मॉडल-Muse Image लॉन्च किया है। यह टूल इस वक्त मेटा एआई ऐप, इंस्टाग्राम स्टोरीज और व्हाट्सएप में लाइव हो चुका है, और जल्द ही इसे फेसबुक और मैसेंजर में भी डाल दिया जाएगा।
यह टूल कमाल के काम कर सकता है-जैसे टेक्स्ट लिखना, तस्वीरें मिक्स करना और वर्किंग क्यूआर कोड बनाना। लेकिन, इसके पीछे छिपा एक खौफनाक सस्पेंस अब हर यूजर के लिए सिरदर्द बन चुका है।
‘पब्लिक टैगिंग’ का वो खतरनाक सीक्रेट: आपकी अनुमति के बिना आपका चेहरा किसी और का!
इस नए टूल में प्राइवेसी को लेकर एक ऐसा खतरनाक लूपहोल (कमजोरी) सामने आया है, जिसने सुरक्षा विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है। अगर आपका इंस्टाग्राम अकाउंट ‘पब्लिक’ है, तो दुनिया का कोई भी यूजर मेटा एआई के प्रॉम्प्ट बॉक्स में जाकर बस आपके अकाउंट को ‘टैग’ कर सकता है।
ऐसा करते ही यह शातिर एआई सिस्टम बिना आपकी अनुमति के, और बिना आपको कोई नोटिफिकेशन या सूचना भेजे, आपकी प्रोफाइल की तस्वीरों से आपका चेहरा और शक्ल-सूरत चुरा लेगा। इसके बाद, वह आपके चेहरे को किसी भी अजनबी या अजीबोगरीब बैकग्राउंड के साथ जोड़कर एक नई एआई जनरेटेड तस्वीर तैयार कर देगा। सबसे डरावनी बात यह है कि आपको कभी पता भी नहीं चलेगा कि आपका चेहरा इंटरनेट पर कहां-कहां इस्तेमाल हो रहा है, जब तक कि वह घूमकर अचानक आपके सामने न आ जाए।
‘कंटेंट सील’ का भ्रम: क्या वाकई सुरक्षित हैं आपकी यादें?
मेटा का दावा है कि उसने इस टूल से बनने वाली हर एआई तस्वीर में ‘Content Seal’ नाम का एक अदृश्य (invisible) वॉटरमार्क सिस्टम लगाया है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ एक छलावा है। यह वॉटरमार्क सिर्फ यह साबित कर सकता है कि तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है, लेकिन यह किसी भी व्यक्ति को आपका चेहरा चुराने या उसका गलत इस्तेमाल करने से नहीं रोक सकता।
मेटा ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया है कि यह सेटिंग डिफ़ॉल्ट रूप से सभी पब्लिक अकाउंट्स के लिए ऑन (चालू) रहेगी और यूजर्स को यह कभी नहीं बताया जाएगा कि उनके डेटा का इस्तेमाल कब किया जा रहा है।

