PujaRules : पूजा की चौकी पर लाल कपड़ा क्यों बिछाते हैं ? :- हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान लाल रंग का विशेष महत्व माना गया है। मंदिरों में देवी-देवताओं को लाल वस्त्र चढ़ाने से लेकर पूजा की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाने तक की लंबे समय से चली आ रही है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पूजा में लाल रंग के कपड़े का ही उपयोग क्यों किया जाता है? धर्म ग्रंथों और ज्योतिष में इसके पीछे की वजह बताई गई है। आगे जानिए इन कारणों के बारे में…
हिंदू धर्म में लाल रंग को बहुत ही शुभ माना गया है क्योंकि ये ऊर्जा, शक्ति, साहस और मंगल ग्रह का प्रतीक है। मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा में लाल रंग का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि पूजा में लाल कपड़ा उपयोग करने से पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लाल रंग देवी शक्ति का प्रतीक है। इसलिए नवरात्रि, लक्ष्मी पूजा, गणेश पूजा और कई अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में लाल वस्त्र, लाल चुनरी और लाल आसन का उपयोग किया जाता है। इससे पूजा का पुण्य फल बढ़ता है और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है।
पूजा की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर कलश, नारियल, भगवान की प्रतिमा और अन्य पूजन सामग्री रखी जाती है। ऐसा करने से पूजा का स्थान व्यवस्थित और पवित्र माना जाता है। यह धार्मिक परंपरा का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी अन्य रंग के कपड़े को इतना अधिक शुभ नहीं माना जाता।
ज्योतिष शास्त्र में लाल रंग का संबंध सूर्य और मंगल ग्रह से माना गया है। ये दोनों ग्रह ऊर्जा, आत्मविश्वास और साहस के कारक हैं। मान्यता है कि पूजा में लाल कपड़ा उपयोग करने से इन ग्रहों की शुभता बढ़ती है और व्यक्ति के जीवन में पॉजिटिविटी बनी रहती है।

