BhimtalLake : बोगनविलिया से सजेगी भीमताल – सातताल झील :- नैनीताल की पहचान है झीलों का दिलकश नजारा ….देश भर से पर्यटक यहाँ गर्मियों में ही नहीं साल भर घूमने आते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन और मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द पांडे अब इसकी खूबसूरती को और भी आकर्षक बनाने जा रहे हैं। भीमताल झील और सातताल झील के सौंदर्यीकरण के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए की भीमताल झील के सौंदर्यीकरण के लिए झील के चारों तरफ एक ही रंग के बोगनविलिया के फूलों का पौधा रोपण किया जाए ।
एस्टीमेट के अनुसार इसमें लगभग 3000 पौधों का रोपण किया जाएगा। पौधा रोपण के लिए एक दिवस में बड़े स्तर पर स्वयं सहायता समूह , विद्यार्थी तथा जनभागीदारी के माध्यम से पौधा लगाया जाएगा। सीडीओ अरविन्द पांडे का कहना है कि बोगनवेलिया फूलों के पौधारोपण से भीमताल झील पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।उन्होंने EO नगर पालिका भीमताल को निर्देश दिए गए की इस संबंध में जल्द एक्शन लें और भीमताल झील सौंदर्यीकरण के लिए नामित समिति को निर्देशित किया गया कि झील की रेकी कर ली जाए।
आइये जानते हैं भीमताल के बारे में
नैनीताल से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित भीमताल एक शांत और विशाल झील है, जो नैनी झील से बड़ी और शांत है। खूबसूरत पहाड़ियों से घिरी भीमताल झील के बीचोंबीच स्थित अपने सुंदर द्वीप के लिए प्रसिद्ध है , जहाँ एक एक्वेरियम है। लोककथाओं के अनुसार, इस झील का नाम महाभारत के भीम के नाम पर रखा गया है , जो इसकी सुंदरता में एक पौराणिक स्पर्श जोड़ता है।शांत जल होने के कारण भीमताल नौका विहार, कयाकिंग और पैडल बोटिंग के लिए एक आदर्श स्थान है, वहीं पास के मंदिर और पैदल मार्ग आगंतुकों को आध्यात्मिक और प्रकृति से परिपूर्ण अनुभव प्रदान करते हैं। हलचल भरे नैनीताल के विपरीत, भीमताल शांति और कम भीड़भाड़ प्रदान करता है, जो इसे आरामदेह छुट्टी की तलाश में परिवारों और जोड़ों के लिए आदर्श बनाता है।
सत्तल के बारे में कुछ ख़ास बातें
भीमताल से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित सातताल (जिसका अर्थ है सात झीलें) एक प्राकृतिक अजूबा है। घने चीड़ और बलूत के जंगलों से घिरा यह स्थान सात आपस में जुड़ी मीठे पानी की झीलों का समूह है । प्रत्येक झील की अपनी अनूठी सुंदरता है और यह प्रवासी पक्षियों, तितलियों और समृद्ध वनस्पतियों का घर है ।सत्तल प्रकृति प्रेमियों, पक्षी प्रेमियों और फोटोग्राफरों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है । यह कैम्पिंग और कयाकिंग, मछली पकड़ने और ट्रेकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का भी एक प्रमुख केंद्र है । इसकी अछूती प्राकृतिक सुंदरता इसे भीमताल और नैनीताल की तुलना में अधिक देहाती और अनोखा बनाती है।
घूमने का सबसे अच्छा समय:
मार्च – जून (पीक सीजन): सुहावना मौसम (15°C – 25°C), नौका विहार और पक्षी अवलोकन के लिए सर्वोत्तम।
सितंबर – नवंबर (मध्यम मौसम): साफ आसमान (10°C – 20°C), प्रकृति की सैर और कैंपिंग के लिए बढ़िया।
दिसंबर – फरवरी (कम भीड़ वाला मौसम): ठंडे महीने (4°C – 12°C), उन लोगों के लिए शांतिपूर्ण जो सर्दियों और धुंध से ढकी झील के नज़ारों का आनंद लेते हैं।


