TehriGarhwalHouse : इतिहास की दीवारों पर लिखी कहानी, अब बदलते दौर की नई निशानी! :- नमस्कार, आप देख रहे हैं खोजी नारद। आज हम आपको दिल्ली के दिल में मौजूद एक ऐसे ऐतिहासिक पते की कहानी दिखाने जा रहे हैं, जिसकी चर्चा इन दिनों पूरे देश में हो रही है। दिल्ली के प्रतिष्ठित लुटियंस बंगलो ज़ोन में स्थित टिहरी गढ़वाल हाउस, इन दिनों चर्चा में है।
वजह है इसकी संभावित बिक्री, जिसकी कीमत करीब एक हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। लेकिन यह केवल एक महंगा बंगला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की ऐतिहासिक रियासत, दिल्ली की सत्ता और बदलते समय के रिश्तों की कहानी भी है।
करीब 3.2 एकड़ में फैली यह संपत्ति दिल्ली के सबसे खास इलाकों में गिनी जाती है। इतने बड़े निजी प्लॉट आज के समय में दिल्ली के केंद्र में मिलना लगभग असंभव माना जाता है।
बताया जाता है कि इस भवन का निर्माण 1940 के दशक में किया गया था, जब कई रियासतों ने दिल्ली में अपनी प्रशासनिक और औपचारिक मौजूदगी के लिए आवास बनवाए थे। टिहरी गढ़वाल हाउस सिर्फ एक घर नहीं था, बल्कि रियासत का दिल्ली में प्रतिनिधि केंद्र, मेहमानखाना और राजनीतिक संपर्कों का स्थान भी रहा।
अब खबरें हैं कि इस ऐतिहासिक इमारत का सौदा अंतिम चरण में है। हालांकि खरीदार को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।अगर यह संपत्ति बिकती है, तो देखने वाली बात होगी कि क्या यहां नई इमारत बनेगी या इतिहास को संजोते हुए इसे नए रूप में तैयार किया जाएगा।
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इतिहास, राजनीति और बदलते दौर के बीच खड़ा टिहरी गढ़वाल हाउस अब नए अध्याय की ओर बढ़ता दिख रहा है।देखना होगा कि आने वाले समय में यह पता अपनी पहचान कैसे बनाए रखता है।इसी के साथ, आज की इस खास रिपोर्ट में बस इतना ही।

