India vs Trump: अमेरिका खुद रूस से व्यापार कर रहा, फिर भारत पर क्यों निशाना? :- नमस्कार, आप देख रहे हैं खोजी नारद और आज बात करेंगे उस बयान की, जिसने भारत-अमेरिका रिश्तों को फिर से चर्चा में ला दिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि रूस से तेल और हथियार खरीदने पर अब वो भारत पर टैरिफ बढा सकते हैं। उनका आरोप था कि भारत रूस की युद्ध मशीन को फ्यूल दे रहा है।
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लेकिन जैसे ही पत्रकारों ने उनसे पूछा कि अमेरिका खुद भी तो रूस से सामान खरीद रहा है, तो ट्रंप का जवाब था – “मुझे इसके बारे में कुछ नहीं पता, चेक करना पडेगा।”
भारत ने इस पर तुरंत पलटवार किया और कहा – अमेरिका खुद रूस से यूरेनियम, केमिकल्स और पैलेडियम जैसी चीजें मंगा रहा है। फिर भारत को टारगेट क्यों?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने कहा कि ये आरोप अनुचित और पक्षपाती हैं। भारत अपने फैसले खुद लेता है, चाहे वो डिफेंस डील हो या एनर्जी की खरीद और हम किसी तीसरे देश की अनुमति से नहीं चलते।
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इतना ही नहीं, ट्रंप की ही पार्टी की नेता निक्की हेली ने भी भारत का बचाव किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर साफ लिखा कि भारत एक मजबूत साथी है, और अमेरिका को चीन को “पास” देना बंद करना चाहिए।
भारत रूस व्यापार पर ट्रंप की नजर
ट्रंप ने रूस से कारोबार करने वाले देशों पर एक सौ % टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। लेकिन भारत ने फिलहाल अपने व्यापारिक रुख में कोई बदलाव नहीं किया है। भारत का कहना है कि हमें जो बाज़ार में बेहतर और सस्ता मिलेगा, हम वहीं से खरीदेंगे।
दो हज़ार चौबीस पच्चीस में भारत ने पचास दशमलव दो अरब डॉलर का तेल रूस से खरीदा है। इसका मतलब है कि भारत रूस से कारोबार बढा रहा है, न कि घटा रहा।
ट्रंप का यह दबाव काम करेगा या भारत अपने फैसलों पर अडिग रहेगा, ये देखने वाली बात होगी।

