By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
  • उत्तराखण्ड
    • देहरादून
    • रुड़की
    • चमोली
    • रुद्रप्रयाग
    • टिहरी गढ़वाल
    • पौड़ी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • अल्मोड़ा
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • अंतराष्ट्रीय
  • तत्काल प्रभाव
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • More
    • बकैती
    • भांडा फोड़
    • लफ्फाज़ी
    • वीडियो
Reading: पुराने समय में कैसे होती थी प्रेग्नेंसी जांच ?
Share
Notification Show More
Aa
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Aa
Search
  • उत्तराखण्ड
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • इंटरव्यू
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो
Follow US
  • Advertise
© 2024 Khoji narad. All Rights Reserved.
khojinarad HIndi News > हेल्थ > पुराने समय में कैसे होती थी प्रेग्नेंसी जांच ?
रेसिपी

पुराने समय में कैसे होती थी प्रेग्नेंसी जांच ?

"प्राचीन काल में प्रेग्नेंसी जांच के अनोखे तरीके, आज भी है हैरान करने वाले तथ्य!"

admin
Last updated: 2025/04/25 at 6:02 AM
admin
Share
4 Min Read
pregnancy
pregnancy
SHARE
Highlights
  • पुराने समय में प्रेग्नेंसी जांच के रहस्यमय तरीके.
  • "प्राचीन समय में गर्भवती होने की जांच: अजीबोगरीब तरीके जो आज भी चौंका दें!"
  • पुराने समय में कैसे होती थी प्रेग्नेंसी जांच.

पुराने समय में कैसे होती थी pregnancy जांच ? :  आज के समय में पीरियड्स मिस होने पर महिलाएं तुरंत प्रेगनेंसी किट मंगाकर जांच कर लेती हैं, लेकिन पुराने जमाने में जब यह प्रेगनेंसी किट नहीं हुआ करती थी तब भी प्रेगनेंसी की जांच की जाती थी। इस जांच के लिए महिलाएं कई प्रकार के तरीके अपनाती थीं, जिससे पता चल जाता था कि गर्भ ठहरा है या फिर नहीं ठहरा है।आज के करीब 3500 साल पूर्व भी प्रेग्नेंसी के टेस्ट किए जाते थे। न्यू किंगडम एरा के पैपीरस यानि लिखित दस्तावेजों में इस बात का जिक्र है कि मिस्र में कई सौ साल पहले भी प्रेग्नेंसी के टेस्ट किए जाते थे। इस लिखित दस्तावेज में कई और रोगों के इलाज के बारे में भी बताया गया है।

अनाजों से होती थी पहचान

पैपीरस के मुताबिक, 1500 से 1300 ईसा पू. के बीच महिलाओं की गर्भावस्था की जांच के लिए अनाजों का उपयोग किया जाता था। इसके लिए एक बैग में जौ और एक बैग में गेहूं डाला जाता है। इसके बाद दोनों बैग्स में उस महिला का यूरिन डाला जाता था, जिसका टेस्ट होना है। अगर दोनों में से कोई भी अनाज अंकुरित होने लगता था तो बात साफ हो जाती थी कि वह महिला प्रेग्नेंट है। अगर अंकुरण नहीं होता था तो इसका अर्थ है कि महिला गर्भवती नहीं है।1960 के दशक में किए गए वैज्ञानिक शोधों से यह पता चला कि गर्भवती महिला के मूत्र में ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (hCG) नामक हार्मोन होता है, जो बीजों के अंकुरण को तेज कर सकता है। यह वही हार्मोन है, जिसका उपयोग आज के प्रेग्नेंसी टेस्ट किट में किया जाता है।

पुराने समय में महिलाएं अपने शरीर में होने वाले बदलावों के आधार पर भी गर्भावस्था का अनुमान लगाती थीं। यदि महिला को लगातार मतली, सिर दर्द, भूख में बदलाव, चक्कर आना और स्वाद में परिवर्तन महसूस होता था, तो इसे गर्भावस्था का संकेत माना जाता था। वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो गर्भधारण के शुरुआती दिनों में शरीर में प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे ये लक्षण दिखाई देते हैं। आज भी डॉक्टर इन्हीं प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर महिलाओं को गर्भावस्था की जांच कराने की सलाह देते हैं।

प्राचीन भारतीय और चीनी चिकित्सा में गर्भावस्था का पता लगाने के लिए नाड़ी परीक्षण किया जाता था। आयुर्वेद के जानकार और चीनी चिकित्सक महिला की कलाई की नाड़ी (पल्स) को जांच कर यह अंदाजा लगाते थे कि वह गर्भवती है या नहीं। यह माना जाता था कि गर्भवती महिला की नाड़ी की गति सामान्य महिलाओं की तुलना में थोड़ी अधिक होती है। आधुनिक चिकित्सा के अनुसार, यह बात आंशिक रूप से सही है। गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है और मेटाबॉलिज्म तेज हो जाता है, जिससे कुछ मामलों में नाड़ी दर बढ़ सकती है। हालांकि, यह तरीका पूरी तरह से सटीक नहीं था।

You Might Also Like

TBvaccine : पूरी तरह सुरक्षित है टीबी की नई वैक्सीन

DeepSleepTips : चैन की नींद कैसे आती है ? पढ़िए फार्मूला

SummerNosebleed : गर्मियों में नाक से क्यों बहने लगता है खून ?

ReethaSoapNuts : जब नहीं था साबुन कैसे नहाते थे लोग ?

EyeColorPersonality : आंखों का रंग और आकार बताता है आपका स्वभाव

TAGGED: #AncientHealthPractices, #AncientHistory, #AncientMedicine, #AncientPractices, #AncientScience, #AncientWisdom, #CulturalPractices, #HerbalPregnancyTests, #HerbalRemedies, #HistoricalMedicine, #HistoricalPregnancyTests, #HistoryOfPregnancy, #HistoryUncovered, #NaturalPregnancyTests, #OldCustoms, #OldTraditions, #OldWays, #PregnancyConfirmation, #PregnancyHistory, #PregnancyInThePast, #PregnancyRituals, #PregnancyTestMethods, #PregnancyTests, #PregnancyThroughHistory, #PrehistoricPregnancyTests, #PreModernMedicine, #ScienceOfThePast, #TraditionalMedicine, health updates, khoji narad, khoji narad breaking news

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
admin April 25, 2025 April 25, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान स्कूल और अस्पताल बनाएंगे डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान
Next Article पाकिस्तान में हाहाकार पाकिस्तान में हाहाकार, प्यास बुझाने के लिए जूतमपैजार

Advt.

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1.mp4

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1.mp4

Latest News

UttrakhandPolitics
UttrakhandPolitics : हरीश रावत को अच्छा लगा प्रधानमंत्री का भाषण
देहरादून April 16, 2026
UttarakhandTourism
UttarakhandTourism : सुरक्षित और सफल चारधाम यात्रा को तैयार- सुबोध उनियाल
देहरादून April 16, 2026
chardhamyatra2026
chardhamyatra2026 : राज्यों में शुरू हुआ हेल्थ अलर्ट अभियान
उत्तराखण्ड April 16, 2026
CervicalPain
CervicalPain : गर्दन का दर्द, क्या दिमाग तक डाल सकता है असर ?
खोजी नारद कहिंन April 16, 2026
//

Khoji Narad is a Uttarakhand-based news website that delivers comprehensive coverage of national and international news. With a focus on accurate, timely, and in-depth reporting, Khoji Narad offers insights into politics, business, culture, and more, while also highlighting the unique stories from the heart of Uttarakhand.

Quick Link

  • इंटरव्यू
  • खोजी नारद कहिंन
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो

Top Categories

  • उत्तराखण्ड
  • अंतराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • महाराष्ट्र

Contact

Smriti Sahgal (Editor)
Address: 207/4, Vijaypur, Gopiwala, Anarwala Dehradun-248001, Uttarakhand
Phone: 9837663626
Email: indiankhojinarad@gmail.com

 

khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Follow US
© 2024 Khoji Narad. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?