30 जुलाई को दो अलग-अलग मेल आईडी से प्राप्त हुए ईमेलों में बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी, जिससे स्कूल के छात्रों, शिक्षकों, और प्रबंधन कर्मचारियों के बीच घबराहट फैल गई।
इस घटना के बाद, स्कूल प्रशासन ने पुलिस से सहायता मांगी और एक जांच की गई है जिसमें आतंकवादी हमले के खतरे की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए गए।
धमकी भरे ईमेलों का असर सीधे स्कूल प्रबंधन पर हुआ है। स्कूल के प्रमुख, एमडी मनिंदर सिंह जुनेजा ने पुलिस से संपर्क करके इस धमकी के बारे में जानकारी दी।
जुनेजा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की और धमकी करने वाले व्यक्ति को जल्द से जल्द पकड़ा जाने की अपील की।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस धमकी वाले ईमेल का साक्षात्कार और ट्रेसिंग करने के लिए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत एक टीम तैयार की।
धमकी भरे ईमेलों के भीतर एक व्यक्ति ने स्कूल में आज से 15 नवंबर तक किसी भी दिन बम फटाने की धमकी दी थी।
इसके पहले खुद को अज्ञात रखने के चलते उसने अपने नाम की जगह एक प्रशिक्षु आतंकवादी संगठन की चिह्नित छवि को ईमेल में दिखाया था।
धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद स्कूल में घबराहट छाई और छात्रों, शिक्षकों, और कर्मचारियों में बेचैनी फैल गई।
बच्चों के अभिभावकों और गांव के लोगों के मन में भी डर का माहौल बन गया। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा के उपाय लिए और पुलिस से सहायता मांगी।
धमकी के ईमेल को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस ने तत्काल एक जांच की शुरुआत की।
धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए साइबर सेल ने भी अपनी टीम जुटा ली है।
विशेषज्ञ टीम ने ईमेल के संदेशों को ट्रेस करने के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग किया है और धमकी भरे ईमेल के पीछे छिपे व्यक्ति की पहचान करने के लिए संभावित स्थानों का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि धमकी वाले ईमेल के पीछे किसी परमाणु संबंधी जोखिम की बात नहीं है और धमकी को गंभीरता से लेने के बाद भी स्कूल में सुरक्षित रहने के उपाय अब भी जारी रखे जाएंगे।
पुलिस और स्कूल प्रशासन द्वारा साझा की जा रही सूचना के अनुसार, स्कूल के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा के उद्देश्य से सुरक्षा कर्मियों की भरमार लगाई गई है।
छात्रों को सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्थाएं की जा रही हैं और स्कूल से थोड़ी दूर पुलिस चौकी की भी स्थापना की गई है।
धमकी वाले ईमेल के मामले में पुलिस अब तक कोई अरोपी गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
लेकिन जांच अभी भी जारी है और पुलिस धीरे-धीरे मामले को सुलझाने के लिए जुटी हुई है।
स्कूल प्रबंधन के अधिकारियों ने भी सहयोग की घोषणा की है और आतंकवादी हमले को रोकने के लिए स्कूल और पुलिस के बीच मिलकर काम करने का वचन दिया है।
इस घटना के बाद स्कूल के छात्रों, शिक्षकों, और प्रबंधन कर्मचारियों की सुरक्षा में और बढ़ी हुई सतर्कता के चलते स्कूल के प्रवेश द्वारों पर और भी तंबाकू स्क्रीनिंग द्वारा सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।
विद्यार्थियों को सामाजिक मानसिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने और भी सुरक्षा उपायों का विचार किया जा रहा है।
इस समय, पुलिस जांच के बाद से इस मामले को गंभीरता से लेती हुई है और धमकी करने वाले व्यक्ति को जल्द से जल्द पकड़ा जाने का प्रयास किया जा रहा है।
स्कूल प्रबंधन ने छात्रों, शिक्षकों, और प्रबंधन कर्मचारियों को धीरज रखने का आह्वान किया है और उन्हें किसी भी प्रकार की संदेहास्पद स्थिति को तुरंत पुलिस को सूचित करने के लिए आग्रह किया है।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना को गंभीरता से लिया है और पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षितता का ध्यान रखने का आश्वासन दिया है।
स्कूल और पुलिस सहयोग से इस मामले को सुलझाने का विश्वास दिया जा रहा है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
ताकि इस धमकी का जिम्मेदार जल्द से जल्द पकड़ा जा सके और स्कूल के छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा की गारंटी हो सके।

