डा. अहमद इकबाल ने इस मामले की जांच करने के बाद रामदत्त मिश्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।
डा. इकबाल ने रजिस्ट्रार के नौकरी से उन्हें निलंबित कर दिया है और सहायक महानिरीक्षक निबंधन दून के कार्यालय में अटैच कर दिया है।
इस मामले में सब रजिस्ट्रार रामदत्त पर सत्यनिष्ठा के साथ कर्तव्यों का निर्वहन न करने का आरोप लगाया गया है, जिससे उन्होंने शासन के नियमों की भी अनदेखी की थी। यह मामला बेहद संवेदनशील है और समाज के न्यायपालिका के लिए एक चुनौती है।
जांच के अनुसार, रजिस्ट्री फर्जीवाड़े मामले में सब रजिस्ट्रार रामदत्त के गलत आचरण का पता चला है और इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
इस घटना के बारे में विस्तार से जांच किया जा रहा है और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई होगी।
इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया की पूरी तरह से पालन करना अहम होगा ताकि सही फैसला हो सके और गैरजिम्मेदार व्यक्तियों को सजा मिल सके।
यह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है जो सामाजिक न्याय और समाज के विकास को प्रोत्साहित कर सकता है।
देहरादून के रजिस्ट्रार कार्यालय में फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया, जिसमें सब रजिस्ट्रार रामदत्त मिश्र भी शामिल थे और अपने कार्यालय में फर्जी रजिस्ट्री के मामले में नामजद हुए हैं।
इस मामले के बारे में आरोप है कि उन्होंने सत्यनिष्ठा के साथ कार्यों का निर्वहन नहीं किया और शासन के नियमों की अनदेखी की गई।
डा. अहमद इकबाल, महानिरीक्षक निबंधन ने इस मामले में निगरानी की और उन्हें निलंबित कर दिया है। साथ ही, सहायक महानिरीक्षक निबंधन दून के कार्यालय से भी उन्हें अटैच कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, फर्जी रजिस्ट्री से संबंधित बही संख्या-आठ को 2016 में विनिष्ट कर दिया गया था, लेकिन उच्चधिकारियों ने नियमों की अनदेखी मानी गई।
इसके परिणामस्वरूप, रामदत्त पर गंभीर आरोप हैं और उन्हें दीर्घ शास्ति दी जा सकती है।
सभी रजिस्ट्रार को आरोप पत्र जारी करने की कार्रवाई भी शुरू की गई है। आरोप पत्र के आदेश को पृथक से जारी किया जाएगा।
यह घटना जगहीत और उच्चस्तरीय अधिकारियों के बीच अधिकारिक जांच की जा रही है और आगे की सूचनाओं के माध्यम द्वारा प्रकाशित की जाएंगी।
रजिस्ट्रार कार्यालय में एक रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के मामले में पहली गाज देखने को मिली है, जिसमें सब रजिस्ट्रार रामदत्त मिश्र को निलंबित किया गया है।
इस मामले में जिन रजिस्ट्रियों में फर्जीवाड़ा पाया गया है, उनसे संबंधित बही संख्या-आठ को वर्ष 2016 में विनिष्ट कर दिया गया था, लेकिन इसमें उच्चधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी का आरोप है।
आदेश के अनुसार, रामदत्त पर गंभीर आरोप हैं और इसके चलते उन्हें दीर्घ शास्ति दी जा सकती है। सभी रजिस्ट्रार को आरोप पत्र जारी करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
सब रजिस्ट्रार रामदत्त को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में जांच और सजा की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। ।

