आरोपी डॉक्टर ने राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंस, बंगलूरू से फर्जी डिग्री हासिल की थी।
जिसके बाद उसने भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखंड में पंजीकरण कराया था। आपको बता दें कि इस मामले में यह अभी तक की 20वीं गिरफ्तारी है।
बताते चलें कि बीते 10 जनवरी को फर्जी डॉक्टर के गिरोह का पर्दाफाश हुआ था।
पुलिस के सीओ अनिल कुमार जोशी ने बताया कि चार महीने में पुलिस ने कई फर्जी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया था।
अभी भी मामले की जांच लगातार जारी है।
मास्टरमाइंड इमलाख की मदद से ली थी फर्जी डिग्री:
सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने गिरोह के मास्टरमाइंड इमलाख की मदद से फर्जी डिग्री ली थी।
इसके बाद वर्ष 2015-16 से ही वह फर्जी डिग्री पर सहारनपुर में प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहा था।
इसी के साथ सीओ अनिल कुमार जोशी ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है।
जल्द ही और गिरफ्तारियां भी की जाएंगी।

