KaziNizamuddin : चुनाव आयोग और छात्रसंघ चुनाव नतीजों पर ” राजी नहीं काज़ी ” :- देहरादून में मैंगलोर के विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने आगामी चुनाव प्रक्रियाओं की निष्पक्षता, मतदाता सूचियों में गड़बड़ियों और प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग को लेकर राज्य सरकार और चुनाव प्रबंधन पर तीखे सवाल खड़े किए। विधायक काज़ी निज़ामुद्दीन ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही जनता के विश्वास की बुनियाद हैं। लेकिन वर्तमान में चुनाव प्रक्रिया को जिस तरह प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, वह बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण कार्य में भारी विसंगतियां सामने आ रही हैं, जहाँ लक्षित तरीके से नाम काटे जा रहे हैं।
उन्होंने कहा एक दिल्ली बैठा चुनाव आयोग है एक उत्तराखंड में चुनाव आयोग है चाहे ग्राम सभा के चुनाव हो निकाये के चुनाव हो सहकारिता के हो या छात्र संघ के चुनाव हो हर स्तर पर चुनाव आयोग की धांधली अलग अलग है,उन्होंने कहा की एक सुशील कुमार है जिन्होंने ग्राम नाथुन खेड़ी ब्लॉक नारसन जनपद हरिद्वार से ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा ये २२ वोटों से जीत भी गए पर दूसरे पक्ष के लोगों को ये बात रास नहीं आई और इनकी ८ बार रिकाउंटिंग हुई पूरे देश में कहीं सुना है आपने बार रिकाउंटिंग और आठवी बार में एक वोट से इन्हें हरा दिया गया ये कितना बड़ा धोखा है मतदाताओं के साथ, डी ए वी देहरादून के चुनाव में छात्र नेता विनीत भट्ट के ऊपर कोई मुकदमा था तो उसकी गिरफ्तारी के लिए छात्र संघ चुनाव का इंतज़ार क्यों हुआ हम उसके ख़िलाफ़ जो मुक़दमा है उसका समर्थन नहीं कर रहे हम समय पर सवाल उठा रहे हैं वो कॉलेज का वोटर भी है उसके ख़िलाफ़ रातो रात नॉन बैलेबल वारंट इशू कर दिया जाता है और उसे कॉलेज परिसर से गिरफ्तार कर लिया जाता है ये सब चुनाव को प्रभावित करने की साजिश थी और जिस तरह से डी ए वी पी जी कॉलेज में सत्ता के दबाव में पुलिस प्रशासन काम कर रहा था वो निंदनीय है शाम तक एबीवीपी पीछे चलती है अचानक वो जीत जाती है प्रशासन के सहयोग से, आज हम जानता के समक्ष कुछ सवाल लेकर आए हैं आप सर्वोपरि हैं आप जिसे चाहे वोट दीजिए जिताइए ये आपका अधिकार हो पर क्या आप ये चाहेंगे की आपके इस अधिकार के बीच में चुनाव आयोग प्रशासन दख़लअंदाज़ी करे क्या आप बर्दाश्त करेंगे नहीं करेंगे।
विधायक काज़ी ने कहा की मीडिया रिपोर्ट्स के हिसाब से ई आर ओ के पास ये अधिकार होता है की वो नियमों के अनुसार वोट जोड़ सकता है काट सकता है पर मीडिया रिपोर्ट्स ये बता रही हैं की अब वो अधिकार दिल्ली स्थित चुनाव आयोग को सौंप दिया गया है,हमारी फाइनल लिस्ट २० को जारी होनी है उसकी बहुत बड़ी चिंता और संशय कांग्रेस पार्टी को है की कहीं उसने मतदाता के अधिकार का हनन ना हो, आज चुनाव आयोग की कार्यशैली पर जानता को संदेह है और जिस तरह हर लेवल पर धांधली हो रही है चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती है। उन्होंने कहा की कांग्रेस पार्टी एक एक व्यक्ति के मत के अधिकार की सुरक्षा करेगी हम किसी के भी मत के अधिकार का उलंघन नहीं होने देंगे।

