DehradunNews : आज तहसील सदर के राजस्व ग्राम आर्केडियाग्रांट में अपर जिलाधिकारी (वि एवं रा) द्वारा फसल धान के फसल कटाई प्रयोग (CCE) का निरीक्षण :- फसल कटाई प्रयोग हेतु राजस्व उप निरीक्षक द्वारा रैण्डम विधि से काश्तकार रवि कुमार वर्मा के खेत का चयन किया गया। काश्तकार द्वारा अपने खेत में कस्तूरी बासमती किस्म लगाई गई थी।
निरीक्षण के दौरान 43.30 वर्गमीटर के त्रिभुजाकार प्लॉट में 17.12 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई। उक्त आंकड़ों को राजस्व उप निरीक्षक द्वारा खेत से ही GCES ऐप के माध्यम से भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किया गया।
इसके साथ ही काश्तकार की अपर जिलाधिकारी द्वारा सेल्फ मोड में फॉर्मर रजिस्ट्री तैयार करवाकर काश्तकार को इससे होने वाले लाभ के संबंध में अवगत करवाया गया
फसल कटाई प्रयोग का महत्व:
फसल कटाई प्रयोग एक महत्वपूर्ण कृषि तकनीक है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से किसी क्षेत्र में फसलों की वास्तविक उपज और औसत पैदावार का सटीक अनुमान लगाने के लिए किया जाता है। इसके आंकड़ों का उपयोग प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत किसानों को मिलने वाले मुआवजे के निर्धारण, राज्य स्तर पर फसलवार उत्पादन के आकलन, खाद्य सुरक्षा, कृषि नीतियों और भविष्य की सरकारी योजनाएं बनाने में किया जाता है।
जनपद स्तर पर फसल धान के कुल 260 प्रयोग नियोजित हैं, जिनमें से 130 प्रयोग चयनित राजस्व ग्रामों में राजस्व उप निरीक्षकों द्वारा पूर्ण कर* भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं।
आंकड़ों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु जनपद स्तर एवं तहसील स्तर पर राजस्व विभाग, कृषि विभाग एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाता है।

