WorldLargestParadShivling : दुनिया का सबसे बडे पारद शिवलिंग हरिद्वार में :- धर्मनगरी हरिद्वार ने एक बार फिर आध्यात्मिक इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। हरिद्वार स्थित साईं शिव गंगा धाम में दुनिया के सबसे बड़े पारद शिवलिंग की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। 5210 किलोग्राम वजनी पारदेश्वर महादेव शिवलिंग की स्थापना वैदिक मंत्रोच्चार, हवन-पूजन और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के बीच की गई।
साईं शिव गंगा धाम में स्थापित पारदेश्वर महादेव शिवलिंग को दुनिया का सबसे बड़ा पारद शिवलिंग बताया जा रहा है। पारद से निर्मित यह शिवलिंग धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब यह शिवलिंग देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और शिव भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान वैदिक परंपराओं के अनुसार विशेष पूजन, हवन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। विद्वान आचार्यों और संतों की उपस्थिति में पूरे विधि-विधान से शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की गई। धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया।
पंचायती निरंजनी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंन्द ने कहा कि यह शिवलिंग रघुनाथ देव महाराज द्वारा भेंट किया गया है और इसकी स्थापना केवल हरिद्वार ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पारदेश्वर महादेव के दर्शन और पूजा से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होगा तथा उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि संसार में धनवान लोगों की कमी नहीं है, लेकिन वास्तव में वही लोग समाज और धर्म के लिए आदर्श बनते हैं जो अपने संसाधनों का उपयोग धार्मिक और जनकल्याणकारी कार्यों में करते हैं। उन्होंने इस भव्य शिवलिंग की स्थापना को धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
हरिद्वार की धार्मिक पहचान को मिलेगा नया आयाम
धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया के सबसे बड़े पारद शिवलिंग की स्थापना से हरिद्वार की पहचान वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी। इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अब गंगा तट पर स्थित इस विशेष शिवलिंग के दर्शन के लिए हरिद्वार पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा।

