By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
  • उत्तराखण्ड
    • देहरादून
    • रुड़की
    • चमोली
    • रुद्रप्रयाग
    • टिहरी गढ़वाल
    • पौड़ी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • अल्मोड़ा
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • अंतराष्ट्रीय
  • तत्काल प्रभाव
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • More
    • बकैती
    • भांडा फोड़
    • लफ्फाज़ी
    • वीडियो
Reading: शव को अंतिम यात्रा में बांधा क्यों जाता है ?
Share
Notification Show More
Aa
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Aa
Search
  • उत्तराखण्ड
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • इंटरव्यू
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो
Follow US
  • Advertise
© 2024 Khoji narad. All Rights Reserved.
khojinarad HIndi News > इंटरव्यू > शव को अंतिम यात्रा में बांधा क्यों जाता है ?
खोजी नारद कहिंन

शव को अंतिम यात्रा में बांधा क्यों जाता है ?

शव को अंतिम यात्रा में बांधा क्यों जाता है? जानें इसके पीछे का रहस्य.

admin
Last updated: 2024/10/09 at 5:09 AM
admin
Share
3 Min Read
शव को अंतिम यात्रा में बांधा क्यों जाता है ?
शव को अंतिम यात्रा में बांधा क्यों जाता है ?
SHARE
Highlights
  • "शव को बांधने की परंपरा: अंधविश्वास या धार्मिक नियम?"
  • "अंतिम यात्रा में शव को बांधने का चौंकाने वाला सच!"
  • "आखिर क्यों बांधा जाता है शव को अंतिम यात्रा में? जानें पौराणिक और वैज्ञानिक तथ्य"
  • अंतिम यात्रा में शव क्यों बांधते हैं?
  • शव बांधने का धार्मिक कारण.
  • अंतिम यात्रा की अनसुनी परंपरा.

शव को अंतिम यात्रा में बांधा क्यों जाता है ? : क्या आप जानते हैं कि शव को अंतिम यात्रा में बांधा क्यों जाता है ? भारत में मृत्यु के बाद शव को बांधकर श्मशान ले जाने की प्रथा सदियों पुरानी है और इसके पीछे गहरा धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है. यह प्रथा न केवल परंपरा का हिस्सा है, बल्कि इसके पीछे कई आध्यात्मिक और धार्मिक तर्क भी जुड़े हुए हैं. आइए जानते हैं, शव को बांधकर श्मशान ले जाने का क्या रहस्य है. हिंदू धर्म में यह माना जाता है कि मृत्यु के बाद आत्मा शरीर को छोड़कर चली जाती है, लेकिन मृत्यु के तुरंत बाद आत्मा और शरीर का बंधन पूरी तरह नहीं टूटता. शरीर में आत्मा की कुछ ऊर्जा या छाप अभी भी रह सकती है. शव को बांधकर ले जाने का एक उद्देश्य यह भी होता है कि इस दौरान आत्मा के शरीर से जुड़े रहने की संभावना को समाप्त किया जा सके और शरीर का संतुलन बना रहे।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मृत्यु के बाद शरीर में प्रेतात्मा या बुरी आत्माएं प्रवेश कर सकती हैं. शव को बांधकर ले जाने का एक उद्देश्य यह भी होता है कि किसी प्रकार की बुरी ऊर्जा या आत्मा शरीर पर प्रभाव न डाल पाए. शव सुरक्षित रूप से श्मशान पहुंचे और बिना किसी बाधा के अंतिम संस्कार हो सके. श्मशान ले जाते समय शरीर को बांधना एक प्रकार का सम्मान और शांति का प्रतीक भी माना जाता है. व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उनके प्रति सम्मान और देखभाल की जा रही है. शव को इस प्रकार से बांधने से यह भी सुनिश्चित होता है कि शव शांति से अपनी अंतिम यात्रा कर सके।

यह प्रथा एक लंबी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है जो समाज में पीढ़ियों से चली आ रही है. इसके पीछे मान्यता है कि जब तक शरीर को उचित रूप से नहीं बांधा जाता तब तक उसकी आत्मा को मोक्ष प्राप्त नहीं होता. इसलिए इसे समाज के रीति-रिवाजों और परंपराओं का हिस्सा माना जाता है. कुछ लोग इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी देखते हैं. मृत्यु के बाद शरीर निष्क्रिय हो जाता है और उसे स्थिर रखना आवश्यक हो जाता है. शव को बांधने से उसे स्थिरता मिलती है और श्मशान ले जाने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती. शव को बांधकर श्मशान ले जाने की प्रथा धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं का हिस्सा है. इस परंपरा का उद्देश्य आत्मा और शरीर के बीच के बंधन को समाप्त करना, शरीर को बुरी शक्तियों से सुरक्षित रखना और सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार करना है. यह परंपरा समाज में व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी सम्मान प्रदान करने का प्रतीक है।

 

 

You Might Also Like

CarSafetyTips : काली गाड़ी खरीदने वालों के लिए जरूरी खबर

AIImageGenerator : बिना बताए आपका चेहरा होगा AI से क्लोन

MissingChild : नौकरी की तलाश में घर छोड़कर पहुंचा मसूरी, दून पुलिस ने बचाया और घर पहुंचाया

Numerology : चेस बोर्ड और आपका मूलांक !

MonsoonPhoneCare : बारिश में स्मार्टफोन को बचाने के आसान तरीके

TAGGED: Crematorium for Hindus, hindu cremation, Hindu Crematorium, hindu death, hindu murda kiun jalate hain, hindu murdon ko kyun jalate hain, hindu mythology, hindu rituals after death, khoji narad, khoji narad news

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
admin October 9, 2024 October 9, 2024
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article 1 हफ्ते में 5 किलो वजन कैसे कम करें? 1 हफ्ते में 5 किलो वजन कैसे कम करें? जरूर पढ़िए
Next Article चार धाम यात्रा सुरक्षा, युवा IG सुरक्षा रणनीति देश के सबसे युवा IG कराएँगे सेफ़ चार धाम यात्रा

Advt.

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1.mp4

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1.mp4

Latest News

AzadSamajParty : BJP हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करती है” — योगेंद्र चौहान का कांग्रेस और BJP पर बड़ा बयान
देहरादून August 12, 2026
DehradunNews : देहरादून में दर्दनाक हादसा, 18 वर्षीय युवती की मौत; ट्रैक्टर चालक गिरफ्तार
वीडियो August 12, 2026
KanwarYatra2026
KanwarYatra2026 : मेहनत को मिला मंच, कांवड़ मेले की सफलता का हुआ भव्य सम्मान
उत्तराखण्ड August 12, 2026
ChampawatNews
ChampawatNews : करीब एक वर्ष बाद मिला स्थायी प्रभागीय वनाधिकारी
उत्तराखण्ड August 12, 2026
//

Khoji Narad is a Uttarakhand-based news website that delivers comprehensive coverage of national and international news. With a focus on accurate, timely, and in-depth reporting, Khoji Narad offers insights into politics, business, culture, and more, while also highlighting the unique stories from the heart of Uttarakhand.

Quick Link

  • इंटरव्यू
  • खोजी नारद कहिंन
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो

Top Categories

  • उत्तराखण्ड
  • अंतराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • महाराष्ट्र

Contact

Smriti Sahgal (Editor)
Address: 207/4, Vijaypur, Gopiwala, Anarwala Dehradun-248001, Uttarakhand
Phone: 9837663626
Email: indiankhojinarad@gmail.com

 

khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Follow US
© 2024 Khoji Narad. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?