By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
  • उत्तराखण्ड
    • देहरादून
    • रुड़की
    • चमोली
    • रुद्रप्रयाग
    • टिहरी गढ़वाल
    • पौड़ी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • अल्मोड़ा
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • अंतराष्ट्रीय
  • तत्काल प्रभाव
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • More
    • बकैती
    • भांडा फोड़
    • लफ्फाज़ी
    • वीडियो
  • E-Paper
    E-PaperShow More
    E-Paper | 4 October 2026
    E-Paper | 4 October 2026
    October 3, 2026
    E-Paper | 27 September 2026
    E-Paper | 27 September 2026
    September 26, 2026
    E-Paper | 6 September 2026
    September 7, 2026
    E-Paper | 23 August 2026
    September 1, 2026
    E-Paper | 16 August 2026
    September 1, 2026
Reading: UttarakhandGhostVillage :जहां उम्मीद लौटे, वहां गांव फिर से बसते हैं
Share
Notification Show More
Aa
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Aa
Search
  • उत्तराखण्ड
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • इंटरव्यू
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो
Follow US
  • Advertise
© 2024 Khoji narad. All Rights Reserved.
khojinarad HIndi News > उत्तराखण्ड > UttarakhandGhostVillage :जहां उम्मीद लौटे, वहां गांव फिर से बसते हैं
वीडियो

UttarakhandGhostVillage :जहां उम्मीद लौटे, वहां गांव फिर से बसते हैं

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पलायन की समस्या नई नहीं है.

admin
Last updated: 2026/02/06 at 5:29 PM
admin
Share
5 Min Read
SHARE
Highlights
  • रोजगार के अवसरों की कमी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं के अभाव ने लोगों को शहरों की ओर जाने के लिए मजबूर किया.
  • ऐसा ही एक गांव था पिथौरागढ़ का मटियाल। करीब दो दशक पहले तक यहां लगभग 20 परिवार रहते थे.
  • साल 2020 में कोविड लॉकडाउन के दौरान इस गांव की किस्मत बदलनी शुरू हुई.

UttarakhandGhostVillage : जहां उम्मीद लौटे, वहां गांव फिर से बसते हैं :-  उत्तराखंड में भूतिया गांवों की कहानी लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। पलायन, रोजगार की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने प्रदेश के सैकड़ों गांवों को खाली कर दिया। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार राज्य में करीब 1700 गांव ऐसे हैं, जिन्हें लोग छोड़ चुके हैं और समय के साथ उन्हें “भूतिया गांव” कहा जाने लगा। लेकिन पिथौरागढ़ जिले का मटियाल गांव इस सोच को बदलने वाली एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया है, जहां दो युवाओं की जिद और मेहनत ने एक सूने गांव में फिर से जीवन लौटा दिया।

बड़ी अपडेट एक क्लिक में :- GoluDevta : जहां घंटियों की गूंज में मिलते है सच्चे न्याय की पुकार वही है गोलू देवता का दरबार

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में पलायन की समस्या नई नहीं है। रोजगार के अवसरों की कमी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं के अभाव ने लोगों को शहरों की ओर जाने के लिए मजबूर किया। कई जगहों पर अंधविश्वास और अफवाहों ने भी गांवों को खाली कराने में भूमिका निभाई। चंपावत जिले के स्वाला गांव की कहानी इसका उदाहरण है, जहां 1952 में हुई एक दुर्घटना के बाद फैली अफवाहों ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया और धीरे-धीरे गांव खाली हो गया। इसी तरह कई गांवों में लोगों के जाने के बाद जमीन बंजर होती गई और गांव वीरान हो गए।

ऐसा ही एक गांव था पिथौरागढ़ का मटियाल। करीब दो दशक पहले तक यहां लगभग 20 परिवार रहते थे। लोग खेती-बाड़ी करते थे और गांव में जीवन सामान्य था। लेकिन समय के साथ रोजगार की कमी और सुविधाओं के अभाव ने लोगों को गांव छोड़ने पर मजबूर कर दिया। सड़क और अन्य सुविधाएं पास के गांवों तक पहुंचीं तो बचे हुए परिवार भी वहां बस गए। पांच साल पहले गांव का आखिरी परिवार भी यहां से चला गया और मटियाल को भूतिया गांव कहा जाने लगा।

साल 2020 में कोविड लॉकडाउन के दौरान इस गांव की किस्मत बदलनी शुरू हुई। मुंबई में एक रेस्तरां में काम करने वाले विक्रम सिंह मेहता और पानीपत में ड्राइवर का काम करने वाले दिनेश सिंह अपने गांव लौटे। गांव की वीरानी देखकर उन्होंने यहां से फिर पलायन करने के बजाय यहीं बसने का फैसला किया। लोगों ने उन्हें समझाया, भूतिया गांव की कहानियां सुनाईं, लेकिन दोनों ने हालात बदलने की ठान ली। उनका मानना था कि गांव में पानी और उपजाऊ जमीन है, बस मेहनत और सही दिशा की जरूरत है।

दोनों युवाओं ने अनाज और सब्जियों की खेती से शुरुआत की। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत करीब डेढ़ लाख रुपये का ऋण लिया। मेहनत रंग लाई और खेती से मुनाफा मिलने लगा। इसके बाद उन्होंने पशुपालन शुरू किया और गाय, बैल व बकरियां खरीदीं। धीरे-धीरे गांव में फिर से गतिविधियां शुरू होने लगीं। खाली पड़ी जमीन पर फसलें लहलहाने लगीं और गांव की पहचान बदलने लगी।

बड़ी अपडेट एक क्लिक में :- SimpsonsPredictions : The Simpsons के निर्माता पर लगे ये आरोप सच हैं या सिर्फ रहस्य और सनसनी का खेल

विक्रम सिंह मेहता बताते हैं कि गांव से उनका भावनात्मक जुड़ाव था। बचपन की यादें और यहां की उपजाऊ जमीन ने उन्हें वापस लौटने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना है कि अगर गांव में रोजगार के साधन तैयार किए जाएं तो लोग वापस लौट सकते हैं। उनकी मेहनत को देखकर अब अन्य परिवारों का भी भरोसा लौट रहा है और कुछ परिवार फिर से मटियाल गांव में बसने लगे हैं।

राज्य सरकार भी पलायन रोकने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रयास कर रही है। बागवानी विभाग के सहायक विकास अधिकारी गौरव पंत के अनुसार, मटियाल गांव को एंटी-माइग्रेशन योजना के तहत सुविधाएं दी गईं। सरकार का उद्देश्य है कि पलायन प्रभावित गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं, ताकि लोग अपने गांव में रहकर ही आजीविका कमा सकें।

आज मटियाल गांव सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि उम्मीद और बदलाव की कहानी बन चुका है। दो युवाओं की मेहनत ने यह साबित कर दिया कि अगर संकल्प मजबूत हो तो भूतिया कहलाने वाला गांव भी फिर से बस सकता है। मटियाल की यह कहानी उत्तराखंड के अन्य खाली हो चुके गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है, जहां लोग अब पलायन के बजाय अपने गांव लौटकर नई शुरुआत करने का सपना देख रहे हैं।

You Might Also Like

GSTCouncil : GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म

EVMSecurity : ईवीएम की सुरक्षा में लापरवाही न हो – अंशुल सिंह , डीएम

KumbhMela2027 : कुम्भ आयोजन में कोई लापरवाही न हो – मुख्य सचिव

UttarakhandNews : नौकरी मांगना नहीं, देना है  – मुख्यमंत्री 

HaridwarNews : भाजपा विधायक से गुहार लगाने धरने पर बैठी भाजपा नेता !

TAGGED: #khojinaradbreakingnews, 1700GhostVillages, 1952AccidentFear, AgricultureRevivalStory, AntiMigrationSuccess, BagwaniDepartmentHelp, BarrenLandGreenAgain, BhutaVillageStory, ChampawatSwalaLegend, CMSelfEmploymentScheme, COVIDReturnVillage, DesertedVillageLives, DineshSinghFarmer, DriverBackHome, EmotionalVillageTie, EmptyVillageReborn, FarmingLoanSuccess, FertileLandPotential, FruitfulLandComeback, GauravPantOfficial, GhostToThrivingVillage, GhostVillageHope, GovtAntiMigrationPlan, HardworkChangesFate, HopeReturnsVillage, InspiringYouthStory, khojinarad, LivestockRevivalUttarakhand, MatiaVillageRevival, MotivationalFarmerDuo], MumbaiChefReturns, NewFamiliesMatia, PithoragarhRevival, ReverseMigrationModel, RoadHealthLack, SelfRelianceVillage, SuperstitionVillageEmpty, TrendingHillRevival, UttarakhandGhostVillage, UttarakhandMigrationStop, UttarakhandSuccessStory, VegetableFarmingProfit, VikramSinghMehta, VillageLifeReturn, ViralUttarakhandNews, YouthEffortMigration

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
admin February 6, 2026 February 6, 2026
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article CrystalBallFengShui CrystalBallFengShui : लिविंग रूम में लगाएं क्रिस्टल बॉल
Next Article IndireshHospitalFreeHealthCamp IndireshHospitalFreeHealthCamp : इन्दिरेश अस्पताल में 10 फरवरी को फ्री हेल्थ कैम्प

Advt.

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1.mp4

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1.mp4

Latest News

GSTCouncil
GSTCouncil : GST अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म
राष्ट्रीय October 9, 2026
EVMSecurity
EVMSecurity : ईवीएम की सुरक्षा में लापरवाही न हो – अंशुल सिंह , डीएम
उत्तराखण्ड October 9, 2026
KumbhMela2027
KumbhMela2027 : कुम्भ आयोजन में कोई लापरवाही न हो – मुख्य सचिव
उत्तराखण्ड October 9, 2026
UttarakhandNews
UttarakhandNews : नौकरी मांगना नहीं, देना है  – मुख्यमंत्री 
देहरादून October 9, 2026
//

Khoji Narad is a Uttarakhand-based news website that delivers comprehensive coverage of national and international news. With a focus on accurate, timely, and in-depth reporting, Khoji Narad offers insights into politics, business, culture, and more, while also highlighting the unique stories from the heart of Uttarakhand.

Quick Link

  • इंटरव्यू
  • खोजी नारद कहिंन
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो

Top Categories

  • उत्तराखण्ड
  • अंतराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • महाराष्ट्र

Contact

Smriti Sahgal (Editor)
Address: 207/4, Vijaypur, Gopiwala, Anarwala Dehradun-248001, Uttarakhand
Phone: 9837663626
Email: indiankhojinarad@gmail.com

 

khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Follow US
© 2024 Khoji Narad. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?