HarkSinghRawat : जुगाड़ू नहीं जिताऊ को मिलेगा टिकट :- अपने बेबाक बयानों की वजह से पार्टी और मीडिया में अक्सर छाये रहने वाले चतुर बयानवीर पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत एक बार फिर अपने खुल्लमखुल्ला बयान की वजह से सोशल मीडिया की सुर्खिया बने हुए हैं। चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट वितरण पर बड़ा बयान दिया है उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चुनाव में टिकट उसी नेता को मिलेगा, जो जीतने की क्षमता रखता हो। किसी का नाम बड़ा होने या सिफारिश होने से टिकट फाइनल नहीं माना जा सकता।
हरक सिंह रावत का बड़ा बयान
डॉ. रावत ने अपने बेबाक अंदाज में लोगों के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि पार्टी के कुछ लोग अभी से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का नाम लेकर यह दावा कर रहे हैं कि उनका टिकट तय हो गया है, जबकि हकीकत यह है कि “टिकट तो राहुल गांधी का भी फाइनल नहीं है।
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”यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्यकर्ताओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरक सिंह रावत ने कहा कि हर कोई कह रहा है कि उसका टिकट पक्का है, लेकिन यह कैसे पक्का हो गया, यह समझ से परे है। उन्होंने दोहराया कि पार्टी ने उन्हें प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति की जिम्मेदारी सौंपी है और टिकट वितरण पूरी तरह जीतने की क्षमता के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उनके पास टिकट के लिए कई सिफारिशें आ रही हैं, लेकिन स्पष्ट है कि हरक सिंह, गणेश गोदियाल या प्रीतम सिंह का करीबी होने से टिकट नहीं मिलेगा, बल्कि वही उम्मीदवार मैदान में उतरेगा जो चुनाव जीत सके।हरक सिंह रावत ने खुद को पार्टी का सच्चा सिपाही बताते हुए कहा कि अगर किसी सीट से कोई उम्मीदवार नहीं मिलेगा, तो वह स्वयं चुनाव लड़ने को तैयार हैं, और अगर जरूरत पड़ी तो पार्टी के लिए दरी बिछाने और नारे लगाने का काम भी करेंगे।
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नारों को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि गणेश गोदियाल प्रदेश अध्यक्ष हैं, उनके लिए नारे लगाना मतलब पार्टी के लिए नारे लगाना है। वहीं ज्योति रौतेला के समर्थन में नारे लगाकर वे महिलाओं के समर्थन की बात कर रहे हैं।
हरक सिंह रावत के इस बयान ने कांग्रेस के भीतर टिकट वितरण को लेकर चल रही चर्चाओं को और तेज कर दिया है और आने वाले चुनाव से पहले पार्टी की रणनीति पर भी नई बहस छेड़ दी है।

