By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
  • उत्तराखण्ड
    • देहरादून
    • रुड़की
    • चमोली
    • रुद्रप्रयाग
    • टिहरी गढ़वाल
    • पौड़ी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • अल्मोड़ा
    • उधम सिंह नगर
    • चम्पावत
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • बागेश्वर
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • महाराष्ट्र
  • अंतराष्ट्रीय
  • तत्काल प्रभाव
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • More
    • बकैती
    • भांडा फोड़
    • लफ्फाज़ी
    • वीडियो
Reading: जगन्नाथ मंदिर के 4 दरवाजों और 22 सीढ़ियों का रहस्य
Share
Notification Show More
Aa
khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Aa
Search
  • उत्तराखण्ड
  • खोजी नारद कहिंन
  • तत्काल प्रभाव
  • इंटरव्यू
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो
Follow US
  • Advertise
© 2024 Khoji narad. All Rights Reserved.
khojinarad HIndi News > खोजी नारद ब्रेकिंग न्यूज़ > जगन्नाथ मंदिर के 4 दरवाजों और 22 सीढ़ियों का रहस्य
खोजी नारद कहिंन

जगन्नाथ मंदिर के 4 दरवाजों और 22 सीढ़ियों का रहस्य

admin
Last updated: 2025/06/10 at 5:38 AM
admin
Share
5 Min Read
जगन्नाथ मंदिर
जगन्नाथ मंदिर
SHARE

जगन्नाथ मंदिर के 4 दरवाजों और 22 सीढ़ियों का रहस्य :  जगन्नाथ धाम यानी कि धरती का बैकुंठ. कोरोना महामारी के बाद से श्रद्धालुओं को एक ही द्वार से मंदिर में प्रवेश करना पड़ता था, जिससे भीड़ और परेशानी होती थी. अब भक्त सभी चार द्वार से मंदिर में प्रवेश कर रहे हैं. इससे भीड़ से दो चार नहीं होना पड़ेगा. जगन्नाथ मंदिर के ये चार द्वार कौन से हैं और इनके महत्व से जुड़ी कहानी भी जानिए.जगन्नाथ मंदिर के बाहरी दीवार पर पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिणी चार द्वार हैं. पहले द्वार का नाम सिंहद्वार (शेर का द्वार), दूसरे द्वार का नाम व्याघ्र द्वार (बाघ का द्वार), तीसरे द्वार का नाम हस्ति द्वार (हाथी का द्वार) और चौथे द्वारा का नाम अश्व द्वार (घोड़े का द्वार) है. इन सभी को धर्म, ज्ञान, वैराग्य और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है।

Contents
जगन्नाथ मंदिर के 4 द्वारों का महत्व?जगन्नाथ मंदिर की 22 सीढ़ियां ‘बैसी पहाचा’तीसरी सीढ़ी पर पैर रखते ही यमलोक जाओगे!

यह ख़बर भी पढ़ें :- पीरियड्स के दौरान इन बातों का रखे ध्यान

जगन्नाथ मंदिर के 4 द्वारों का महत्व?

मंदिर का पूर्वी द्वार सिंहद्वार: यह जगन्नाथ मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार है. इस द्वार पर झुकी हुई मुद्रा में दो शेरों की प्रतिमाएं हैं. माना जाता है कि इस द्वार से मंदिर में प्रवेश करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है।

मंदिर का पश्चिमी द्वार व्याघ्र द्वार: जगन्नाथ मंदिर के इस प्रवेश द्वार पर बाघ की प्रतिमा मौजूद है. यह हर पल धर्म के पालन करने की शिक्षा देता है. बाघ को इच्छा का प्रतीक भी माना जाता है. विशेष भक्त और संत इसी द्वार से मंदिर में प्रवेश करते हैं।

मंदिर का उत्तरी द्वार हस्ति द्वार: मंदिर के इस द्वार के दोनों तरफ हाथियों की प्रतिमाएं लगी हैं. हाथी को माता लक्ष्मी का वाहन माना जाता है. कहा जाता है कि मुगलों ने आक्रमण कर हाथी की इन मूर्तियों को क्षति-विकृत कर दिया था. बाद में इनकी मरम्मत कर मूर्तियों को मंदिर उत्तरी द्वार पर रख दिया गया. कहा जाता है कि ये द्वार ऋषियों के प्रवेश के लिए है।

मंदिर का दक्षिणी द्वार अश्व द्वार: मंदिर के इस द्वार के दोनों तरफ घोड़ों की मूर्तियां लगी हुई हैं. खास बात यह है कि घोड़ों की पीठ पर भगवान जगन्नाथ और बालभद्र युद्ध की महिमा में सवार हैं. इस द्वार को विजय के रूप में जाना जाता है।

यह ख़बर भी पढ़ें :- मखाना खाने के अचूक फायदे

जगन्नाथ मंदिर की 22 सीढ़ियां ‘बैसी पहाचा’

पुरी के जगन्नाथ धाम मंदिर में कुल 22 सीढ़ियां हैं. ये सभी सीढ़ियां मानव जीवन की बाईस कमजोरियों का प्रतीक हैं. धार्मिक मान्यता के मुताबिक, ये सभी सीढ़ियां बहुत ही रहस्यमयी हैं. जो भी भक्त इन सीढ़ियों से होकर गुजरता है, तो तीसरी सीढ़ी का खास ध्यान रखना होता है. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, मंदिर की तीसरी सीढ़ी पर पैर नहीं रखना होता. तीसरी पीढ़ी यम शिला कही जाती है. अगर इस पर पैर रख दिया तो समझो कि सारे पुण्य धुल गए और फिर बैकुंठ की जगह यमलोक जाना पड़ेगा. यही वजह है कि भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए जाते समय तीसरी सीढ़ी पर पैर न रखने की सलाह दी जाती है।

मान्यता के मुताबिक, मंदिर में 22 सीढ़ियां हैं लेकिन वर्तमान में 18 सीढ़ियां ही दिखाई देती हैं. अनादा बाजार की तरफ की दो सीढ़ियों को जोड़ दें तो ये इनकी संख्या 20 है. 21 और 22वीं सीढ़ी मंदिर की रसोई की तरफ हैं. इन सभी सीढ़ियों की ऊंचाई और चौड़ाई 6 फीट और बात अगर लंबाई की करें तो यह 70 फीट है. मंदिर की कुछ सीढ़ियां 15 फीट चौड़ी भी हैं. वहीं कुछ 6 फीट से भी कम हैं. भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए इन सभी सीढ़ियों को पार करना पड़ता है।

तीसरी सीढ़ी पर पैर रखते ही यमलोक जाओगे!

माना जाता है कि इन सीढ़ियों पर कदम रखने से इंसान के भीतर की बुराइयां दूर हो जाती हैं. लेकिन भगवान के दर्शन कर वापस लौटते समय तीसरी सीढ़ी से बचने की सलाह दी गई है. पुराणों में तीसरी सीढ़ी को ‘यम शिला’ कहा गया है. कहा जाता है कि भगवान जगन्नाथ ने तीसरी सीढ़ी यमराज को देते हुए कहा था कि जब भी कोई भक्त दर्शन से लौटते समय तीसरी सीढ़ी पर पैर रखेगा, तो उसके सभी पुण्य खत्म हो जाएंगे और वह बैकुंठ की बजाय यमलोक जाएगा।

You Might Also Like

DehradunCrimeNews : मामूली विवाद से मचा खूनी बवाल! Dehradun की सड़क पर गूंजी गोलियां, दो घायल

AmarnathCaveMystery : Amarnath गुफा का सबसे बड़ा रहस्य! क्या आज भी जिंदा है ‘अमर कबूतरों’ का जोड़ा?

RajaSagarStory : महाराज सगर के 60,000 बेटों को भस्म करने का रहस्य

GarudPuran : आत्मा कितने दिनों में पहुंचती है यमलोक?

WhatsAppWebUpdate : WhatsApp Web पर आया ‘ब्रह्मास्त्र’ फीचर

TAGGED: #AncientSecrets, #AncientTemples, #CharDhamYatra, #DivineDoors, #DivineIndia, #FaithAndBelief, #FourTempleDoors, #HiddenTemples, #HinduBeliefs, #HinduDevotion, #HinduTemples, #HolyPlaces, #HolyTemples, #IndianMythology, #IndianSpirituality, #JagannathBhakti, #JagannathMystery, #JagannathPuri, #JagannathTemple, #JagannathYatra, #LordJagannath, #MysteryOf22Steps, #MysticalIndia, #MythicalIndia, #OdishaTourism, #PilgrimageSites, #PowerOfFaith, #PuriDham, #PuriLegends, #PuriMysteries, #PuriTemple, #RathYatra, #ReligiousFacts, #ReligiousIndia, #SacredIndia, #SacredJourneys, #SacredSteps, #SacredStructures, #SanatanDharma, #SecretsOfJagannath, #SpiritualIndia, #SpiritualMystery, #SpiritualOdisha, #TempleArchitecture, #TempleFacts, #TempleHistory, #TempleSecrets, #UnsolvedMysteries, #VedicCulture, dehradun, khoji narad, khoji narad breaking news, uttarakhand

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
admin June 10, 2025 June 10, 2025
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article मुख्यमंत्री ने लोकार्पण एवं शिलान्यास मुख्यमंत्री ने पुरोला में किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
Next Article लोक साहित्य उत्तराखंड के लोक साहित्य होंगे डिजिटल संरक्षित – मुख्यमंत्री

Advt.

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/Vertical-V1-MDDA-Housing-1.mp4

Advt.

https://khojinarad.com/wp-content/uploads/2025/10/MDDA-Final-Vertical-2-1.mp4

Latest News

DehradunCrimeNews
DehradunCrimeNews : मामूली विवाद से मचा खूनी बवाल! Dehradun की सड़क पर गूंजी गोलियां, दो घायल
देहरादून July 4, 2026
VPNBanInIndia
VPNBanInIndia : VPN  का गलत इस्तेमाल करने वालों पर शिकंजा
दिल्ली July 4, 2026
AlphaMovieReview
AlphaMovieReview : सस्ती नकल निकली ‘अल्फा’, जीरो लॉजिक और कमजोर कहानी
महाराष्ट्र July 4, 2026
Sawan2026
Sawan2026 : सावन 2026 का प्रारंभ 30 जुलाई से
खोजी नारद ब्रेकिंग न्यूज़ July 4, 2026
//

Khoji Narad is a Uttarakhand-based news website that delivers comprehensive coverage of national and international news. With a focus on accurate, timely, and in-depth reporting, Khoji Narad offers insights into politics, business, culture, and more, while also highlighting the unique stories from the heart of Uttarakhand.

Quick Link

  • इंटरव्यू
  • खोजी नारद कहिंन
  • बकैती
  • भांडा फोड़
  • लफ्फाज़ी
  • वीडियो

Top Categories

  • उत्तराखण्ड
  • अंतराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • महाराष्ट्र

Contact

Smriti Sahgal (Editor)
Address: 207/4, Vijaypur, Gopiwala, Anarwala Dehradun-248001, Uttarakhand
Phone: 9837663626
Email: indiankhojinarad@gmail.com

 

khojinarad HIndi Newskhojinarad HIndi News
Follow US
© 2024 Khoji Narad. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Register Lost your password?