90s की वो कजरारी हसीना, जो ‘मोहरा’ से रातोंरात स्टार बन गई :- नमस्कार दोस्तों, क्या आपको याद है वो मासूम मुस्कान, वो कजरारी आंखें, जो एक गाने में झलक कर लाखों दिलों की धडकन बन गई थीं, हम बात कर रहे हैं नब्बे की उस हसीना की, जिन्होंने फिल्म मोहरा में अपनी सादगी से तहलका मचा दिया था, नाम है, पूनम झावर, मोहरा और रातोंरात मिली शोहरत, 1994 में आई सुपरहिट फिल्म ‘मोहरा’ में पूनम का किरदार छोटा था, लेकिन असर बहुत गहरा, गाना था, ना कजरे की धार, ना मोतियों का हार, इस गाने में पूनम की निगाहें, नजाकत और मासूमियत ने उन्हें हर घर में पहचान दिला दी।
बड़ी अपडेट एक क्लिक में :- दून में कुदरत का कोहराम , लोगों को भारी नुकसान
लोग उन्हें बस एक झलक में दिल दे बैठे, छोटा करियर, लेकिन गहरी छाप, मोहरा के बाद पूनम ने कई फिल्मों में काम किया, दीवाना हूं मैं तेरा, आंच, ओ माय गॉड और आर राजकुमार जैसी फिल्मों में नजर आईं, लेकिन अफसोस, वो जादू दोबारा दोहराया नहीं जा सका, दो हज़ार तेरह में आई आर राजकुमार उनकी आखिरी फिल्म थी, बोल्ड अंदाज़ में बदला अंदाज़, एक वक्त था जब पूनम की सादगी की चर्चा होती थी, और फिर आया वो दौर, जब वो, हाय शरमाऊं, किस किस को बताऊं, जैसे म्यूजिक वीडियो में नजर आईं।
बड़ी अपडेट एक क्लिक में :- देहरादून में कुदरत का कोहराम , सहस्त्रधारा में फटा बादल
यहां उन्होंने अपने ग्लैमरस अवतार से सबको चौंका दिया, अब कहां हैं पूनम झावर, आज पूनम फिल्मी दुनिया से दूर हैं, हाल ही में उन्हें एयरपोर्ट पर देखा गया, साडी में, लेकिन बदली हुई पहचान के साथ, लोगों ने कहा, वो अब पहले जैसी बिल्कुल नहीं रहीं, कॉस्मेटिक बदलाव और बढ़ते वज़न ने उनके लुक को काफी बदल दिया है, कभी मासूमियत की मूरत रहीं पूनम झावर, आज बदलते दौर और समय की कहानी बन चुकी हैं, लेकिन उनके, ना कजरे की धार, वाले अंदाज़ को भुला पाना नामुमकिन है, क्या आपको भी वो गाना याद है, नीचे कमेंट में जरूर बताइए।

