MantraChikitsa : कैसे होता मंत्र चिकित्सा में इलाज ?
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
गजब फार्मूला…. खाओ-नहाओ और अमर हो जाओ
ऐसे सपने आज ने नहीं बल्कि आदिकाल से लोग देख रहे हैं.…
संस्कृत मन्त्रों में होगा दुर्लभ रोगों का इलाज़
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में बनेगा मंत्र चिकित्सा केन्द्र.
पंचकर्म और स्पा एरोमा थेरेपी बना ऋषिकेश की पहचान
अब योग नहीं, पंचकर्म और स्पा थेरेपी से पहचाना जाता है ऋषिकेश.
