संस्कृत मन्त्रों में होगा दुर्लभ रोगों का इलाज़ : संस्कृत प्रेमियों के लिए खुशखबरी है। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के सभी स्कूलों के विभागों की नाम पट्टिकाएं संस्कृत भाषा में भी लिखी जाएंगी। नाम पट्टिकाओं पर विभाग का नाम सबसे ऊपर संस्कृत भाषा में, फिर हिन्दी में और उसके बाद अंग्रेजी में लिखा जाएगा। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय ने संस्कृत भाषा को प्रचारित प्रसारित करने के लिए यह महत्वपूर्णं कदम उठाया है। इस कार्य में उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा विभाग श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय को सहयोग करेगा। श्री गुरु राम राय दरबार साहिब का नाम श्रीगुरुरामराय-दरबारसाहिबः, झण्डासाहिबः देहरादूनम् लिखा जाएगा श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल का नाम श्रीमहन्तइन्दिरेश-चिकित्सालयः चिकित्सा एवं अनुसंधानकेन्द्रम्, देहरादूनम लिखा जाएगा।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग के विद्धवतजनों के साथ मिलकर इस दिशा में महत्वपूर्णं कार्य करेगा। संस्कृत देववाणी भाषा है। इसे संसार की सभी भाषाओं की जननी भी कहा जाता है। बैठक के दौरान चर्चा हुई कि श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन के अन्तर्गत संचालित सभी शिक्षण संस्थानों में संस्कृत भाषा मं नाम पट्टिका लगेंगी। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नाम के साथ साथ उसके अन्तर्गत विभगों/चिकित्सकों का नाम भी संस्कृत में लिखा हुआ दिखेगा। इस कार्य में उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी अनुवाद करने में सहयोग करेगा। संस्कृत शिक्षा विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय एवं संस्कृत अकादमी तथा श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के मध्य एमओयू की भी कार्यवाही की जायेगी जिससे द्वितीय राजभाषा के विकास, उत्थान, प्रचार- प्रसार एवं अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा , अब उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध एवम् सबसे बड़े श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा के साथ मंत्र चिकित्सा केन्द्र बनेगा।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में मंत्र चिकित्सा केन्द्र की स्थापना होगी। ऐसी मरीज़ जो असाध्य रोगों से ग्रसित हैं, गम्भीर बीमारी की वजह से जिनके पास बहुत कम समय बचा है। वैदिक मंत्र उपचारों के द्वारा उनकी जीवन प्रत्याशा को बढ़ाने का काम किया जाएगा। क्रियात्मक अनुसंधान के तहत उनकी जीवन प्रत्याशा को बढ़ाने हेतु शोध एवम् अनुसंधान किए जाएंगे। श्री गुरु राम राय संस्कृत विद्यालय के विद्धवतजन इस कार्य महत्वपूर्णं भूमिका निभाएंगे। संस्कृत शिक्षा विभाग के अंतर्गत उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय एवं संस्कृत अकादमी के विद्धवतजन भी इस कार्य में सहभागी बनेंगे। संस्कृत के ऐसे विद्धान जिनका उच्चारण बहुत शुद्ध व स्पष्ट होगा वे विद्धवतजन संस्कृत वैदिक मंत्रों, महामृतुंजय जप व दुर्गा रक्षा कवच मंत्र का पाठ करेंगे। इसका उपयोग मरीजों के उत्तम स्वास्थ्य हेतु किया जाएगा। कई असाध्य बीमारियों के उपचार में मंत्र चिकित्सा ने मरीज़ों को अपार मानसिक शांति प्रदान की है व उनके उपचार में हीलिंग टच के रूप में सहयोग किया है।
वैदिक मंत्रों का असर अब चिकित्सा विज्ञान भी मानने लगा है। मंत्र चिकित्सा पर कई शोध भी प्रगतिशील हैं। कई अस्पतालों में मत्रं उपचार के महत्व को समझकर मरीजों पर इनका सकारात्मक प्रयोग किया जा रहा है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में मंत्र चिकित्सा केन्द्र की स्थापना की जाएगी। संस्कृत भाषा के विद्धवतजन मंत्र चिकित्सा का उपयोग कर श्री महंत इन्दिेरश अस्पताल में भर्ती मरीजों पर मंत्रों के प्रभाव पर काम करेंगे। यह प्रयोग असाध्य मरीजों के उपचार में मददगार बनेगा। मंत्र चिकित्सा असाध्य रोगियों के उपचार में काफी कारगर साबित हुई है। श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने कहा कि गुरु राम राय दरबार साहिब सभी विषयों को लेकर चाहे शिक्षा हो स्वास्थ्य हो या सामाजिक उन्नयन व लोक संस्कृति तथा संस्कृत का संवर्द्धन हो हर क्षेत्र में अग्रणीय भूमिका निभाता रहा है।

