UttarakhandMBBSScam : MBBS फर्जी सर्टिफिकेट कांड ! जांच के दायरे में 778 अभ्यर्थियों के दस्तावेज :- उत्तराखंड में स्वतंत्रता सेनानी से जुड़े आरक्षण का लाभ लेने के लिए जारी किए गए फर्जी प्रमाण पत्रों का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. मामला अब सिर्फ सरकारी दस्तावेजों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इन प्रमाण पत्रों के आधार पर MBBS की सीटों पर दाखिले तक होने का खुलासा हुआ है. पूरे प्रकरण की SIT जांच के आदेश दिए गए हैं. SIT ने मामले में मुकदमा भी दर्ज कर लिया है।
चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के सामने अब तक आए मामलों के आंकड़े इस प्रकरण में उधमसिंहनगर जिले को हॉटस्पॉट के तौर पर सामने ला रहे हैं. प्रदेशभर में अब तक 19 ऐसे प्रकरण स्पष्ट हुए हैं, जिनमें कार्रवाई की गई है. इनमें अकेले उधम सिंह नगर जिले के 12 मामले हैं. यानी अब तक सामने आए कुल मामलों में करीब दो-तिहाई मामले इसी जिले से जुड़े हैं. इसके अलावा देहरादून के चार मामले सामने आए हैं, जबकि तीन अन्य मामलों में अभी जांच जारी है।
19 दाखिले निरस्त: सबसे अहम बात यह है कि इन प्रमाण पत्रों के आधार पर MBBS की सीटों पर दाखिला हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के मामले सामने आए हैं. HNB चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से ऐसे कुल 19 दाखिलों को निरस्त किया जा चुका है. चिकित्सा शिक्षा विभाग के मुताबिक जिन दाखिलों को निरस्त किया गया है, उनकी जगह मेरिट के आधार पर दूसरे पात्र अभ्यर्थियों को मौका दिया जा रहा है।
फर्जी प्रमाण पत्रों के मामले में SIT ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जांच एजेंसी की पड़ताल अब इस बात पर भी केंद्रित है कि आखिर फर्जी प्रमाण पत्र किस स्तर पर तैयार हुए? इन्हें जारी कराने में किन लोगों की भूमिका रही? इनके आधार पर MBBS समेत दूसरे आरक्षण लाभ किस तरह हासिल किए गए, मामले में पहले भी कुछ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. जांच आगे बढ़ने के साथ और लोगों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
फर्जी और संदिग्ध प्रमाणपत्रों के जरिए मेडिकल दाखिले का मामला सामने आने के बाद सरकार और चिकित्सा शिक्षा तंत्र ने अब राज्य कोटे के तहत आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों को दोबारा जांच की कसौटी पर रखने का फैसला किया है. जांच में स्थायी निवास के साथ-साथ एससी-एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित जैसी श्रेणियों से जुड़े प्रमाणपत्रों की वैधता भी परखी जाएगी. यानि आने वाले समय में इस मामले में और भी कुछ नया निकल सकता है।

