Keshav Thalwal का खुलासा: Police की हैवानियत या सच्चाई का सामना? :- नमस्कार दोस्तों,उत्तराखंड के टिहरी ज़िले से एक सनसनीखेज़ मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक ने पुलिस पर हैवानियत और बर्बरता के गंभीर आरोप लगाए हैं, ये मामला न सिर्फ मानवाधिकारों पर सवाल उठाता है, बल्कि कानून व्यवस्था की नींव को भी हिलाकर रख देता है, पुलिस पर सनसनीखेज़ आरोप, पीडित युवक केशव थलवाल, जो टिहरी गढ़वाल के लंबगांव का निवासी है, उसका दावा है कि नौ मई 2025 को उसे एसएसपी के नाम पर बुलाकर पुलिस थाने ले जाया गया, लेकिन वहां जो हुआ, वो रूह कंपा देने वाला था, केशव का आरोप है कि उसे कोटी कॉलोनी की चौकी में बंद कर दिया गया।
जहां उसे निर्वस्त्र कर डंडों और बेल्ट से पीटा गया, थूका हुआ पानी और पेशाब पिलाने का दावा, केशव ने बताया कि जब वह दर्द से तडपने लगा और पानी मांगा, तो उसे थूका हुआ पानी पीने को मजबूर किया गया, यहां तक कि उसे इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए पेशाब तक पिलाया गया, उसके अनुसार, पुलिसकर्मियों ने उसे जूता चाटने पर भी मजबूर किया, फर्जी मुकदमा और चार महीने की जेल, इतना ही नहीं, पुलिस ने उस पर हमला करने की झूठी कहानी गढ़ी और एक चाकू थमा कर उसे गिरफ्तार किया गया।
नतीजा ये हुआ कि केशव को लगभग चार महीने जेल में बिताने पडे, हाल ही में वह जमानत पर रिहा हुआ है, अंकिता भंडारी की बरसी पर उठी आवाज़, ये पूरा मामला तब सामने आया जब अंकिता भंडारी हत्याकांड की तीसरी बरसी पर पौडी में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में केशव ने मंच से पुलिस की नाकामियों के खिलाफ खुलकर बोला, उसका कहना है कि सोशल मीडिया पर लगातार पुलिस को बेनकाब करने की वजह से ही उसे यह खौफनाक सज़ा दी गई ।
जांच के आदेश, 15 दिन की डेडलाइन, अब इस पूरे मामले पर उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लिया है, आईजी गढ़वाल ने टिहरी एसएसपी से तत्काल रिपोर्ट मांगी है, एसएसपी आयुष अग्रवाल ने इस जांच की जिम्मेदारी सीओ नरेंद्रनगर को सौंपी है, जिन्हें 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपनी है, क्या ये आरोप एक युवा की सच की लडाई है या किसी गहरी साजिश की परतें, सच्चाई जो भी हो, लेकिन सवाल ये है, क्या सिस्टम में आम आदमी की आवाज़ अब भी सुनी जाती है, इस पर आपकी राय क्या है, कमेंट में जरूर बताएं, वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करें ऐसी ही गंभीर और ज़रूरी ख़बरों के लिए, धन्यवाद।

