भारत-रूस मिलकर बनाएंगे नई विश्व व्यवस्था :- आज की बडी खबर, भारत और रूस मिलकर एक नई, न्यायसंगत और टिकाऊ विश्व व्यवस्था बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ रहे हैं। अजित डोभाल और पुतिन की मुलाक़ात से दुनिया की राजनीति में हलचल मच गई है। भारतरूस की मीटिंग राष्ट्रपति पुतिन के सलाहकार सर्गेई शोइगु ने स्पष्ट कहा भारत और रूस का लक्ष्य है एक ऐसी वर्ल्ड ऑर्डर बनाना जहां अंतरराष्ट्रीय कानून की सर्वोच्चता हो, और आधुनिक खतरों का मिलकर सामना किया जाए। N S A अजित डोभाल मॉस्को में राष्ट्रपति पुतिन और टॉप रूसी अधिकारियों से मिले।
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यह मीटिंग पूरी तरह बंद कमरे में हुई जिसमें सुरक्षा, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को लेकर गहन चर्चा हुई। अमेरिका को संकेत, ये मीटिंग ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर पच्चीस प्रतिषद से बढाकर पचास प्रतिषद टैरिफ लगा दिया है, क्योंकि भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा।
सर्गेई शोइगु का बयान अमेरिका की टैरिफ नीति को सीधी चुनौती है एक ऐसी व्यवस्था जहां अमेरिका की धमकी नहीं चलेगी और एकतरफा फैसले नहीं थोपे जाएंगे। पुतिन के भारत दौरे की तैयारी, डोभाल ने पुतिन को प्रधानमंत्री मोदी का संदेश दिया , और इस साल के अंत में भारत आने का न्योता भी सौंपा, जिसे पुतिन ने स्वीकार कर लिया है।
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दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय ऊर्जा, रक्षा और रणनीतिक सहयोग पर चर्चा हुई। डोभाल ने दोहराया कि बाहरी दबावों के बावजूद भारत रूस के साथ हर मोर्चे पर सहयोग जारी रखेगा। अमेरिका की चाल और रूस का जवाब, रूस ने ये भी कहा कि वो डोभाल को अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ की मॉस्को यात्रा की जानकारी देगा, जो पुतिन ट्रंप मुलाकात की तैयारी कर रहे हैं।
यह मीटिंग अगर होती है तो यूक्रेन युद्ध और टैरिफ नीति में बडा बदलाव हो सकता है। भारत और रूस के रिश्ते सिर्फ पुराने नहीं, बल्कि समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। क्या ये दोनों मिलकर अमेरिका के वर्चस्व को चुनौती देंगे? क्या अब वाकई एक नई विश्व व्यवस्था की शुरुआत होने जा रही है?

