MetroCityExpenses : शादीशुदा जोड़े का खर्च 80 हजार, समझिये हिसाब :- टियर-1 मेट्रो शहरों में रहना अक्सर लोगों के लिए एक बड़ा आर्थिक चुनौती बन जाता है. यहां लाइफस्टाइल जितनी ज्यादा लग्जरी दिखती है, उतनी ही महंगी भी होती है. चाहे आप कितनी भी कोशिश कर लें खर्चों को नियंत्रित करने की, लेकिन कुछ खर्च ऐसे होते हैं जिन्हें हर हाल में करना ही पड़ता है. यही वजह है कि बड़े शहरों में रहने वाले कई लोग यह शिकायत करते नजर आते हैं कि उनकी बचत या तो हो ही नहीं पाती या बहुत कम हो पाती है।
गुरुग्राम में लाइफस्टाइल को मेंटेन करना आसान नहीं
हाल ही में गुरुग्राम में रहने वाले एक शादीशुदा कपल का मासिक खर्च चर्चा का विषय बना हुआ है. इस कपल में महिला ने सोशल मीडिया के जरिए अपने पूरे महीने के खर्च का ब्यौरा शेयर किया है, जिससे यह समझने में मदद मिलती है कि आखिर बड़े शहरों में जीवन इतना महंगा क्यों है. अनुष्का, जो कोकोरो लिविंग बाय अनुष्का नाम से इंस्टाग्राम हैंडल चलाती हैं, अपने पति के साथ गुरुग्राम में एक 2BHK सेमी-फर्निश्ड फ्लैट में रहती हैं. उन्होंने बताया कि इस घर का किराया हर महीने करीब 37,000 रुपये है, जिसमें मेंटेनेंस चार्ज भी शामिल है. ये खर्च उनके कुल बजट का सबसे बड़ा हिस्सा है।
कैसे होते है ये खर्च ?
घर से जुड़े अन्य जरूरी खर्चों की बात करें तो सफाई के लिए आने वाली मेड को हर महीने 2,500 रुपये दिए जाते हैं. इसके अलावा खाने-पीने का खर्च भी कम नहीं है. ग्रोसरी पर उनका मासिक खर्च लगभग 10,000 से 15,000 रुपये के बीच रहता है, जो कि आज के समय में एक सामान्य खर्च माना जा सकता है, खासकर मेट्रो शहरों में. अगर ट्रांसपोर्ट की बात करें, तो उनकी कार के पेट्रोल पर हर महीने 6,000 से 8,000 रुपये तक खर्च हो जाते हैं. यह खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि महीने में कितनी यात्रा की गई है. इसके अलावा बिजली का बिल करीब 2,000 रुपये आता है, जो कि एसी और अन्य उपकरणों के उपयोग पर आधारित होता है।
इंटरनेट आज के समय की जरूरत बन चुका है, इसलिए वाई-फाई का खर्च भी हर महीने जुड़ता है. इसके लिए उन्हें लगभग 1,200 रुपये चुकाने पड़ते हैं. वहीं एलपीजी सिलेंडर पर करीब 900 रुपये का खर्च आता है. घर में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण उन्होंने किराए पर ले रखे हैं, जिसके लिए हर महीने 1,500 रुपये देने होते हैं. जरूरी खर्चों के अलावा कुछ ऐसे खर्च भी होते हैं जिन्हें पूरी तरह टाला नहीं जा सकता, लेकिन उन पर कुछ हद तक कंट्रोल जरूर किया जा सकता है।
कितना हो जाता है खर्चा
उदाहरण के तौर पर, अनुष्का ने बताया कि उन्होंने एक महीने में ऑनलाइन और ऑफलाइन शॉपिंग पर करीब 10,000 रुपये खर्च किए. वहीं बाहर खाने-पीने पर 4,000 से 5,000 रुपये तक खर्च हो जाते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये खर्च हर महीने समान नहीं होते और जरूरत के हिसाब से बदलते रहते हैं।

