NCERTDiplomaCourse : 6 से 8 तक के साइंस टीचर्स के लिए आ गया डिप्लोमा कोर्स :- साइंस पढ़ाने वाले मिडिल स्कूल टीचर्स के लिए NCERT ने एक अहम पहल की शुरुआत की है. कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को विज्ञान पढ़ाने वाले टीचर्स की क्षमता को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से NCERT ने 40 हफ्तों का एक खास ऑनलाइन डिप्लोमा कोर्स शुरू किया है. इस कोर्स का नाम डिप्लोमा इन टीचिंग ऑफ साइंस एट मिडिल स्टेज रखा गया है. इसे मुख्य तौर पर मिडिल लेवल पर साइंस टीचिंग को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के लिए तैयार किया गया है।
बड़ी ख़बर एक क्लिक में :- सरसों का तेल और लहसुन के फायदे
कितने दिनों का होगा कोर्स
NCERT का यह डिप्लोमा कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन मोड में संचालित होगा, जिसे NCERTX प्लेटफॉर्म के माध्यम से कराया जाएगा. शिक्षक इसमें 28 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं. बता दें कि यह कोर्स 29 दिसंबर से शुरू होगा और लगभग 40 हफ्तों तक यानी 18 अक्टूबर तक चलेगा. रजिस्टर्ड टीचर्स को हर सप्ताह लगभग 6 से 8 घंटे का समय अध्ययन और गतिविधियों के लिए देना होगा, ताकि वे पाठ्यक्रम को अच्छे से समझ सकें.वहीं, कोर्स के लिए आवेदन करते समय शिक्षकों को 2,000 रुपये की फीस जमा करानी होगी. कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले शिक्षकों को एनसीईआरटी की ओर से एक ई-सर्टिफिकेट प्रदान की जाएगी. साथ ही यह सर्टिफिकेट शिक्षकों के करियर प्रोफाइल को भी मजबूत करेगा।
किनके लिए है ये कोर्स?
यह डिप्लोमा कोर्स खास उन शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है, जो वर्तमान में NCERT कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के साइंस पढ़ाते है. इसमें सरकारी और निजी, दोनों प्रकार के स्कूलों के शिक्षक आवेदन कर सकते हैं. एनसीईआरटी के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मिडिल स्कूल स्तर पर विज्ञान की जटिल अवधारणाओं को समझाने में आने वाली समस्याओं को दूर करना है।
बड़ी ख़बर एक क्लिक में :- चॉकलेट खाने के बेमिसाल फायदे
कोर्स में क्या-क्या होगा?
कोर्स को इस तरीके से तैयार किया गया है कि शिक्षक यह समझ सकें कि छात्र विज्ञान को कैसे सीखते हैं और उन्हें किस तरह से पढ़ाया जाना चाहिए. इस कोर्स में के सिलेबस में फिजिकल साइंस, लाइफ साइंस और एनवायर्नमेंटल साइंस के साथ-साथ विज्ञान शिक्षण की बुनियादी बातें शामिल हैं. इनके साथ बच्चों को सिखाने की प्रभावी रणनीतियां और मूल्यांकन के आधुनिक तरीके भी शामिल हैं।
इसमें रटने पर नहीं, बल्कि अवधारणाओं की स्पष्ट समझ, प्रयोगात्मक गतिविधियों और एप्लीकेशन आधारित सीखने पर विशेष जोर दिया गया है. कुल मिलाकर, यह कोर्स मिडिल स्कूल स्तर पर विज्ञान शिक्षण की गुणवत्ता को एक नया आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.पूरे कोर्स में रटने पर नहीं, बल्कि अवधारणाओं को समझने, प्रयोगात्मक एक्टिविटीज और एप्लिकेशन आधारित सीखने पर फोकस किया गया है।

