पीसीएस अधिकारी निधि यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सीएम धामी ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में विजिलेंस को खुली जांच की अनुमति दी है।
सीएम ने यह अनुमति विजिलेंस अधिष्ठान की मांग पर दी है।
पिछले दिनों विजिलेंस ने निधि यादव की गोपनीय जांच की थी।
इसमें आय से अधिक संपत्ति होने का विजिलेंस ने जिक्र किया था।
इसके बाद इन आरोपों के चलते पिछले दिनों निधि यादव का प्रमोशन भी नहीं हो सकता था।
इससे पहले विजिलेंस निधि यादव की प्राथमिक जांच कर चुकी है जिसमें उनके पास आय से अधिक संपत्ति के कई तथ्य मिले हैं जिसको विजिलेंस ने शासन को प्रेषित कर दिया था।
बड़ी बात यह है कि काफी लंबे समय तक शासन ने इस फाइल को अपने पास रखा और इसके बाद अब विवाद बढ़ने के बाद विजिलेंस को खुली जांच की अनुमति दे दी गई है।
गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं है जब निधि यादव विवादों में आई हो इससे पहले निधि यादव आरक्षण से जुड़े प्रमाण पत्र को लेकर विवादों में आई थी हालांकि यह मामला कोर्ट में चला गया था।
इसके बाद निधि यादव की प्राथमिक विजिलेंस जांच हुई थी और विजिलेंस ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी।
विजिलेंस के निदेशक अमित सिन्हा ने कहा कि निधि यादव के खिलाफ विजिलेंस जांच की अनुमति मिल गई है और अब विजिलेंस आय से अधिक संपत्ति के मामले में खुली जांच करेगी जिसमें सभी तथ्यों पर बारीकी से जांच की जाएगी।
अमित सिन्हा ने कहा कि इससे पहले प्राथमिक जांच की गई थी जिसमें आय से अधिक संपत्ति होने के प्रमाण मिले थे और इसी आधार पर खुली जांच की अनुमति दी गई है।

