एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि सुहील कुमार निवासी हर्रावाला यहां एक विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं।
बताया कि उन्होंने ओएलएक्स पर एक आल्टो कार का विज्ञापन देखा था।
कार खरीदने के लिए उन्होंने उस विज्ञापन में दिए गए फोन नंबर पर संपर्क किया।
खुद को बताया था भारतीय सेना में हवलदार:
फोन उठाने वाले अज्ञात व्यक्ति ने खुद का नाम गोपाल कृष्ण शिखर बताया और कहा कि वह भारतीय सेना में हवलदार के पद पर आगरा कैंट में तैनात है।
दोनों के बीच कार का सौदा एक लाख, 10 हजार रुपये में हुआ।
आरोपित ने सौदा पक्का करने के लिए 25 जनवरी को आनलाइन माध्यम से पांच हजार रुपये मंगवाए।
इसके बाद बीमा नवीनीकरण के लिए 16500 रुपये, कार को ट्रांसपोर्ट से भेजने के लिए 28500 रुपये अपने खाते में मंगवाए।
धीरे-धीरे आरोपित की डिमांड बढ़ती गई और 26 जनवरी को कार की आरसी ट्रांसफर करने के लिए उसने 50 हजार रुपये मांगे।
ठग ने इसी प्रकार अलग-अलग बहाने बनाकर प्रोफेसर से कुल साढ़े छह लाख रुपये ठग लिए और बाद में फोन बंद कर दिया।
मामले में 28 जनवरी को साइबर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच एसआइ कुलदीप टम्टा को सौंपी गई।
एसटीएफ टीम ने आरोपित वसीम अकरम निवासी पथराली, मेवात, हरियाणा को बीते शनिवार को बादशाहपुर, गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया।
उसके पास से चार मोबाइल फोन, पांच सिमकार्ड, तीन डेबिट कार्ड, दो आधार कार्ड और एक पेन कार्ड बरामद किया गया है।
अभियुक्त वसीम अकरम पूरे भारत में विभिन्न अपराध करने के लिए 14 अलग-अलग फोन का इस्तेमाल किया तथा प्रतिरूपण, सेक्सटॉर्शन, लोन ऐप, फिशिंग , फर्जी कस्टमर केयर सर्विस नंबर और पहचान की चोरी के जरिए पूरे भारत में हज़ारों लोगों को ठगा है।

