JhandeJiMela : पुष्प वर्षा के साथ नगर परिक्रमा में गूंजे जयकारे :- दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की अगुआई में ऐतिहासिक नगर परिक्रमा में पच्चीस हज़ार से अधिक संगतें नगर परिक्रमा में शामिल हुईं। श्री दरबार साहिब से जहां-जहां से नगर परिक्रमा निकली दूनवासियों ने संगतों का पुष्पवर्षा के साथ जोरदार स्वागत किया।
बड़ी ख़बर एक क्लिक में :- चॉकलेट खाने के बेमिसाल फायदे
नगर परिक्रमा के दौरान रास्ते भर दूनवासी श्री गुरु राम राय जी महाराज व श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के जयकारे लगाते रहे। सिद्धयोगी श्री गुरु राम राय जी महाराज के जन्मदिवस के तीसरे दिन आयोजित होने वाली ऐतिहासिक नगर परिक्रमा का स्वागत करने के लिए दूनवासी साल भर प्रतीक्षा करते हैं।
भजन कीर्तन के बीच श्रद्धालुओं को श्री दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने आशीर्वाद दिया। दूनवासियों ने ऐतिहासिक नगर परिक्रमा के रूट पर जगह जगह लंगर व खान-पान की समुचित व्यवस्था सहित आर्कषक स्वागत व्यवस्था की।
नगर परिक्रमा के घण्टाघर पहुंचने पर कुछ समय के लिए मानो सबकुछ थम सा गया। ढोल की थाप पर दूनवासियों ने पूरे स्नेहपूर्वक बाहें फैलाकर गुरु संगत का पुष्पवर्षा के साथ जोरदार स्वागत किया। संगत श्री गुरु राम राय जी महाराज के जयकारे लगाती व दून के श्रद्धालु उन पर फूलों की बारिश कर देते। इस नज़ारे का साक्षी बनने के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालु घण्टाघर व आसपास के क्षेत्र में डटे रहे।
बड़ी ख़बर एक क्लिक में :- यूरिक एसिड में मूली खाने के बेमिसाल फायदे
दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज, देहरादून के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि ऐतिहासिक नगर परिक्रमा में शामिल होने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतें देहरादून पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि दूनवासियों ने अतिथि देवो भवः की परंपरा को प्रेम, स्नेह और सद्भावना के साथ निभाते हुए इस वर्ष भी संगतों का हृदय से स्वागत किया।
इस आत्मीयता और अपनत्व से संगतें अत्यंत भाव-विभोर हुईं और उन्होंने दूनवासियों के प्रति गहरा आभार और कृतज्ञता व्यक्त की है। श्री महाराज जी ने कहा कि हर वर्ष दूनवासियों द्वारा जिस प्रेम, सम्मान और आत्मीयता के साथ संगतों का स्वागत किया जाता है, उसी स्नेह को पाने के लिए संगतें हर साल बड़ी संख्या में देहरादून पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सद्भावना का प्रतीक भी है। उन्होंने श्री झण्डे जी मेले के सफल आयोजन तथा गुरु की संगत को दिए गए स्नेह, सम्मान और सेवा-भाव के लिए समस्त दूनवासियों के प्रति हृदय से आभार व धन्यवाद प्रकट किया।

