OracleLayoffs : AI ने भारत के लोगों को बना दिया लाचार :- दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Oracle ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने IT इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है. कंपनी ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है और रिपोर्ट्स के मुताबिक ये संख्या 30,000 तक हो सकती है. इनमें से करीब 12,000 कर्मचारी भारत से बताए जा रहे हैं, जिससे देश का IT सेक्टर भी चिंता में है।
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि ये छंटनी उस समय हुई है जब Oracle ने हाल ही में शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर मुनाफा कमाने वाली कंपनी को इतनी बड़ी छंटनी की जरूरत क्यों पड़ी? इस खबर के बाद से सोशल मीडिया पर कई कमर्चारियों ने इमोशनल ट्विट और पोस्ट किए. लोग भी इसपर भड़के हुए हैं।
AI पर बड़ा दांव बना वजह
Oracle का फोकस अब तेजी से बदल रहा है. कंपनी पारंपरिक सॉफ्टवेयर सर्विसेज से हटकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बढ़ रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, Oracle ने OpenAI के लिए लगभग 156 बिलियन डॉलर के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है. इस प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को अगले पांच साल में बड़े पैमाने पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है. इसके लिए करीब 30 लाख हाई-एंड चिप्स खरीदे जाने की योजना है. ये निवेश इतना बड़ा है कि कंपनी को अपने खर्चों को संतुलित करने के लिए दूसरे क्षेत्रों में कटौती करनी पड़ रही है, जिसमें सबसे बड़ा असर कर्मचारियों पर पड़ा है।
बढ़ता कर्ज और आर्थिक दबाव
Oracle पर इस समय भारी कर्ज का बोझ है, जो 100 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा बताया जा रहा है. इस कर्ज के कारण कंपनी पर कैश फ्लो बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है. इन परिस्थितियों में छंटनी को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है. अनुमान है कि इससे कंपनी को 8 से 10 बिलियन डॉलर तक की बचत हो सकती है, जिसे AI प्रोजेक्ट्स में निवेश किया जाएगा. इसके अलावा, कंपनी ने मार्च में 2.1 बिलियन डॉलर का रीस्ट्रक्चरिंग प्लान भी पेश किया था, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा पहले ही खर्च हो चुका है।

