UPSC2026 : इस बार प्रीलिम्स ने बढ़ाई धड़कनें, क्या कम जाएगी कटऑफ? : – “कुछ सपने सिर्फ देखे नहीं जाते…उन्हें पाने के लिए नींद, सुकून और कई साल दांव पर लगाने पड़ते हैं।और जब सपना UPSC का हो…तो हर सवाल सिर्फ सवाल नहीं,बल्कि हिम्मत और धैर्य की असली परीक्षा बन जाता है…” देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाने वाली UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 अब खत्म हो चुकी है। लेकिन परीक्षा खत्म होने के बाद भी लाखों छात्रों के दिलों की धड़कनें अभी शांत नहीं हुई हैं।
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क्योंकि इस बार का पेपर… उम्मीद से कहीं ज्यादा कठिन और लंबा माना जा रहा है। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही कई छात्रों के चेहरे पर तनाव साफ दिखाई दिया।किसी ने कहा— “पेपर बहुत ट्रिकी था…”तो किसी ने कहा— “इतना लंबा पेपर पहली बार देखा…”इस बार GS Paper-1 में ऐसे सवाल पूछे गए, जिन्होंने छात्रों को सोचने पर मजबूर कर दिया तीन-तीन स्टेटमेंट वाले लंबे सवाल, मुश्किल ऑप्शन और गहराई से पूछे गए टॉपिक्स ने कई उम्मीदवारों का समय खराब कर दिया इतिहास से लेकर इकोनॉमी तक…
हर विषय में UPSC ने इस बार अलग अंदाज दिखाया। इतिहास में बुद्ध, अमरावती स्तूप, वैदिक नदियों और पुराने राजवंशों से जुड़े सवाल पूछे गए वहीं इकोनॉमी में ड्रॉप शिपिंग, डिजिटल करेंसी यानी CBDC, बैंकिंग और नए आर्थिक मॉडल जैसे टॉपिक्स ने छात्रों को चौंका दिया।सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्रों को हुई, जिन्होंने सिर्फ शॉर्ट नोट्स और करंट अफेयर्स पर भरोसा किया था।
क्योंकि इस बार पेपर में गहरी समझ और कॉन्सेप्ट बेस्ड तैयारी ज्यादा जरूरी थी।और सिर्फ GS ही नहीं…इस बार CSAT पेपर ने भी कई छात्रों की टेंशन बढ़ा दी।कई उम्मीदवारों का कहना है कि CSAT उम्मीद से ज्यादा कठिन और समय लेने वाला था।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—कटऑफ कितनी जाएगी?”
देश के कई बड़े UPSC एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार पेपर का स्तर पिछले सालों से ज्यादा कठिन था।इसी वजह से कटऑफ नीचे जा सकती है।विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य वर्ग की कटऑफ लगभग 70 से 75 नंबर के बीच रह सकती है।
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OBC के लिए 68 से 72 और SC-ST वर्ग के लिए 55 से 65 नंबर तक का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि यह सिर्फ शुरुआती अनुमान हैं।असली कटऑफ तो UPSC रिजल्ट के साथ ही सामने आएगी।लेकिन एक बात इस परीक्षा ने फिर साबित कर दी है—UPSC सिर्फ किताबों का खेल नहीं है…
यह धैर्य, मेहनत और लगातार खुद को बेहतर बनाने की परीक्षा है।जो छात्र इस बार कटऑफ के करीब हैं उन्हें अब बिना समय गंवाए मेन्स की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।और जो इस बार सफल नहीं हो पाए…उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है।
क्योंकि UPSC में हार वही मानता है,जो दोबारा कोशिश करना छोड़ देता है। याद रखिए…एक कठिन पेपर आपका सपना नहीं रोक सकता। क्योंकि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। और खोजी नारद की नजर रहेगी हर उस खबर पर,जो युवाओं के सपनों, संघर्ष और भविष्य से जुड़ी होगी।

