HaridwarNews : हरिद्वार में न्याय संहिता प्रदर्शनी का भव्य समापन :- 7 मार्च से प्रारंभ हुई इस प्रदर्शनी का उद्देश्य न्याय संहिता के संबंध में आमजन को जागरूक करना तथा न्याय व्यवस्था में किए गए महत्वपूर्ण सुधारों की जानकारी समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना था। इस प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रमुख प्रावधानों, न्यायिक प्रक्रिया में तकनीकी नवाचारों, डिजिटल साक्ष्य की स्वीकार्यता, समयबद्ध जांच एवं न्याय, पीड़ित अधिकारों की सुरक्षा तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों को सरल, आकर्षक एवं प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया।
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प्रदर्शनी स्थल पर विभिन्न थीम आधारित सूचना पैनलों, डिजिटल डिस्प्ले, इन्फोग्राफिक्स, पोस्टर एवं ऑडियो-विजुअल माध्यमों के माध्यम से आगंतुकों को यह समझाया गया कि न्याय संहिता किस प्रकार आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता एवं त्वरित न्याय की अवधारणा को मजबूत बनाती हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस विवेचना प्रक्रिया में डिजिटल साक्ष्य के महत्व, तकनीकी उपकरणों के उपयोग, पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली, साइबर अपराधों के प्रति संवेदनशीलता तथा महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के त्वरित निस्तारण जैसे विषयों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
प्रदर्शनी के दौरान प्रतिदिन विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा आमजन द्वारा बड़ी संख्या में प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया, जिसमें ITBP, BSF, NCB और NIA जैसी प्रमुख केंद्रीय जांच एजेंसियों एवं अर्द्ध सैनिक बलों के अधिकारियों के साथ ही PTC नरेंद्रनगर, ATC हरिद्वार व SDRF के युवा आपदा मित्रों ने आपदा प्रबंधन और कानून के समन्वय को समझा, जबकि शांतिकुंज, PMS स्कूल के विभिन्न छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की।
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आगंतुकों को न्याय संहिता के प्रावधानों को सहज रूप में समझाने हेतु नुक्कड़ नाटकों, संवादात्मक प्रस्तुतियों तथा जागरूकता सत्रों का भी आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से कानून से संबंधित जटिल विषयों को सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इन कार्यक्रमों ने विशेष रूप से युवाओं और विद्यार्थियों के बीच न्याय संहिता के प्रति रुचि एवं समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदर्शनी में प्रस्तुत सजीव नाट्य मंचन का सभी आगंतुकों ने अत्यंत उत्साह के साथ अवलोकन किया तथा इसकी सराहना की।
यह प्रदर्शनी आमजन, विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों के बीच विधि संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास सुदृढ़ करने का एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हुई। उत्तराखण्ड पुलिस का उद्देश्य इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय संहिताओं के प्रावधानों की जानकारी पहुंचाना तथा कानून के प्रति जागरूक, जिम्मेदार और सहभागी नागरिक समाज का निर्माण करना है।

