InternationalYogaFestival : ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव :- तीर्थनगरी ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव का विधिवत उद्घाटन हुआ, जिसमें योग और आयुर्वेद की प्राचीन भारतीय परंपरा का संगम देखने को मिला, इस महोत्सव में आचार्य बाल कृष्ण के पावन सान्निध्य में विश्व के 80 से अधिक देशों से आए योगजिज्ञासु और योगाचार्य शामिल हुए, जिन्होंने मिलकर विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।
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महोत्सव का आयोजन परमार्थ निकेतन में किया गया,,परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि आचार्य बालकृष्ण के आगमन से कार्यक्रम का वातावरण और भी प्रेरणादायक बन गया। उन्होंने योग और आयुर्वेद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए इन दोनों का संतुलित समन्वय अत्यंत आवश्यक है।
महोत्सव के पहले दिन आयोजित गंगा आरती में विश्वप्रसिद्ध ड्रम वादक शिवमणि ने ऊं नमः शिवाय के मंत्रों के साथ पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया। उनके संगीत और लय ने योग साधकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और उत्साहपूर्ण वातावरण का निर्माण किया।
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आचार्य बालकृष्ण ने उपस्थित योग जिज्ञासुओं को संबोधित करते हुए कहा कि संसार में अशांति बनी हुई है लेकिन इसका समाधान केवल शांति और योग के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने महोत्सव के महत्व को बताते हुए कहा कि अलग-अलग देशों जैसे ईरान, इजराइल, यूक्रेन और रूस के लोग यहां एक मंच पर एकत्रित हुए हैं, जो योग की वास्तविक शक्ति का परिचायक है।
उन्होंने कहा, “यदि हमें जीवन के सत्य को समझना है तो हमें योगी बनना होगा। यह पवित्र अवसर हमारे जीवन को शुद्ध और दिव्य बनाने का माध्यम है। आप सभी सही मार्ग के पथिक हैं, इसलिए योग मार्ग का अनुसरण निरंतर करें।” इस अवसर पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आचार्य बालकृष्ण को रूद्राक्ष का पौधा भेंट कर अभिनंदन किया, इस भव्य महोत्सव ने योग और संगीत के संगम के माध्यम से उपस्थित सभी साधकों को आध्यात्मिक ऊर्जा और उल्लास का अनुभव कराया।

