DilliNameMyth’दिल्ली’ का मतलब क्या है ? :- राजधानी दिल्ली का नाम हम बचपन से सुनते आए हैं. ये नाम थोड़ा सा अलग भी लगता है, जिसे लोग दिल और दिलवालों से जोड़ते हैं. क्या वाकई दिल्ली का नाम दिलवालों की वजह से पड़ा या इसका मतलब कुछ और है? चलिए आज इसके बारे में ही जानते हैं. राजधानी दिल्ली का नाम हम बचपन से सुनते आए हैं. ये नाम थोड़ा सा अलग भी लगता है, जिसे लोग दिल और दिलवालों से जोड़ते हैं. क्या वाकई दिल्ली का नाम दिलवालों की वजह से पड़ा या इसका मतलब कुछ और है? यहां इतने सालों तक मुगलों ने राज किया और फिर अंग्रेज़ों ने लेकिन इसका नाम किसी मुगल बादशाह या अंग्रेज़ी अफसर के नाम पर क्यों नहीं पड़ा. चलिए आज इसके बारे में ही जानते हैं।
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‘दिल्ली’ का अर्थ क्या होता है?
इस बारे में भी अलग-अलग मत हैं. जो सबसे ज्यादा स्वीकार्य मत है, उसके मुताबिक इतिहासकार मानते हैं कि राजा ढिल्लू ने 800 ईसा पूर्व के आसपास दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली में अपना शहर बसाया. उन्हें प्यार से धिल्लू और दिलू भी कहा जाता था. उन्हीं के नाम पर इस शहर का नाम ढिल्ली या दिल्ली रखा गया है. जहां उन्होंने ये शहर बसाया, वहीं आगे चलकर कुतुबमीनार बनाई गई।
वहीं कुछ इतिहासकार मानते हैं कि तोमरवंश के राजा ने इस जगह के दिल्ली ट्राएंगल वाले हिस्से को मिलाकर अनंगपुर बनाया. बाद में इसे 10 किलोमीटर आगे करके इसका नाम लाल कोट रखा, जो करीब सौ साल तक रहा. जब 1164 में पृथ्वीराज चौहान ने यहां कई किलों का निर्माण कराया और इस शहर को किला राय पिथोरा कहा गया. वहीं कुछ लोग ये भी मानते हैं कि दिल्ली शब्द दहलीज़ या देहली से लिया गया है, जिसका मतलब प्रवेश द्वार होता है।
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जब पांडवों ने श्रीकृष्ण के कहने पर स्वर्ग के राजा इंद्र और भगवान विश्वकर्मा की मदद से इसे बनाया था. इंद्र के ही नाम पर इसे इंद्रप्रस्थ कहा गया. इसके बाद इसका इतिहास सीधा राजा ढिल्लू के राज से शुरू होता है, जिसे कुछ इतिहासकारों के मुताबिक ‘दिल्हीका’ कहा गया, जो बाद में दिल्ली हो गया. ये मध्यकाल के सात सबसे बड़े शहरों में से एक हुआ करता था।
इंद्रप्रस्थ की कहानी महाभारत से जुड़ी है. बताया जाता है कि कुंती के सबसे बड़े बेटे कर्ण के वंशज ढिल्लू राजा ने 800 ईसा पूर्व के करीब दक्षिणी-पश्चिमी दिल्ली में शहर बसाया था. इसकी पुष्टि स्वामी दयानंद सरस्वती की किताब सत्यार्थ प्रकाश करती है. राजा ढिल्लू ने पर यहां शासन किया था. बाद में उन्हें ढिल्लू और दिलू नाम से भी जाना गया. धीरे-धीरे नाम में अपभ्रंश के कारण इसका नाम दिल्ली पड़ गया।

