Artifical Intelligence : 2026 में इंसान बन जाएंगे नौकर – गजब भविष्यवाणी : – अपना भविष्य जानने की लालसा हर इंसान में होती है। कल क्या होने वाला है और कौन सी घटना घटने वाली है ये कौतुहल मन में रहता ही है। ऐसे में एक नाम है बाबा वैंगा का जिनकी भविष्यवाणी पर सबकी नज़र रहती है। अब साल 2026 को लेकर भी जो भविष्यवाणी सामने आ रही है वो बेदह खौफनाक हैं.बाबा वेंगा ने अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि साल 2026 तक हमारी जिदंगी के मालिक हम नहीं होंगे बल्कि हम पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का राज होगा. दुनिया भर में लोगों की जिदंगी तकनीक के प्रभाव के कारण बदल जाएगी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artifical Intelligence ) का हमारी जिदंगी पर पूरा कब्जा हो जाएगा।
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चरम वैश्विक वित्तीय संकट की भविष्यवाणी
हर इंसान नए साल को लेकर यही सोचता है कि आने वाला नया साल उसके और उसके परिवार के जीवन में खुशियां लेकर आएगा. वहीं, लोगों के जेहन में ये सवाल भी उठ रहे हैं कि आने वाले साल में क्या होगा. हर इंसान भविष्य में अपनी और अपनों की सेहत के बाद अपनी आर्थिक स्थिति को लेकर सबसे ज्यादा जागरूक रहता है. अब 2026 के लिए बाबा वेंगा की एक नई भविष्यवाणी सामने आई है. बाबा वेंगा की ये भविष्यवाणी आर्थिक तंगी को लेकर है. जो एक बार फिर से डरावनी तस्वीर पेश कर रही है।
दरअसल दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो भविष्य देखने का दावा करते हैं और जब उनकी भविष्यवाणी सही साबित हो जाती है तो लोगों को भी आश्चर्य होता है. भविष्य देखने वालों में दुनिया में अभी सबसे बड़ा नाम नास्त्रेदमस को माना जाता है तो दूसरा नाम “बाल्कन की नास्त्रेदमस” कहीं जाने वालीं बाबा वेंगा का ही आता है. नास्त्रेदमस की तरह ही पहेलियों में भविष्य की झलक दिखाने वाली बाबा वेंगा ने अगले वर्ष के लिए चिंताजनक वैश्विक घटनाओं की एक श्रृंखला की भविष्यवाणी की है, जिसमें एक संभावित आर्थिक तबाही भी शामिल है जिसे उन्होंने ‘कैश क्रश’ करार दिया है।
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लैडबाइबल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाबा वेंगा ने साल 2026 के लिए एक चरम वैश्विक वित्तीय संकट की भविष्यवाणी की है. उनकी भविष्यवाणी है कि इस साल डिजिटल और फिजिकल दोनों मुद्रा यानी करेंसी की प्रणाली ध्वस्त हो जाएंगी, जिसके कारण कैश क्रश होगा. कैश क्रश होने के कारण बैंकिंग संकट, करेंसी वैल्यू और अधिक कमजोर हो जाएगा और बाजार में तरलता में कमी जैसी घटनाएं हो सकती हैं. इन सबके कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी और महंगाई, उच्च-ब्याज दरों और तकनीकी उद्योग में अस्थिरता जैसे संकट आ सकते हैं।

